हौसले को सलाम: घुटने की दो इंजरी भी नहीं रोक पाई ब्यूटी चौहान की रफ्तार, जीते पदक; काम आया ये टिप्स
यूपी के गाजीपुर की मूल निवासी ब्यूटी चाैहान फिलहाल वाराणसी में रह रही हैं। यहां वे एथलेटिक्स के हर गुर सीख रही हैं। वे अब तक सात मेडल जीत चुकी हैं7
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Sports News: गांव की पगडंडियों पर दौड़कर स्कूल जाने वाली गाजीपुर के बड़हरा टूर्ना निवासी ब्यूटी चौहान पिछले पांच साल में चार राष्ट्रीय और 13 प्रादेशिक मुकाबले में खेल चुकी हैं। इसमें राष्ट्रीय स्तर पर 2 बार और प्रादेशिक में पांच बार पदक जीत चुकी हैं।
खेलने के दौरान दो बार घुटने में इंजरी के कारण करीब डेढ़ साल तक खेल से दूर रहीं। इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। फिलहाल, वह सिगरा क्षेत्र में किराये के रूम में रहकर खेल प्रतियोगिता की तैयारी करती हैं।
सिगरा स्टेडियम के एथलेटिक्स कोच चंद्रभान यादव ने बताया कि एक खिलाड़ी के लिए इंजरी सबसे बड़ी समस्या होती है। अपने हौसलों से इससे पार पाकर खिलाड़ी आगे की राह बनाता है। उन्होंने बताया कि ब्यूटी चौहान हर रोज सिगरा स्टेडियम में छह घंटे अभ्यास करतीं है। वह एथलेटिक्स में तीन और पांच किमी स्पर्धा की खिलाड़ी है।
ब्यूटी ने बताया कि उन्होंने अपने नानी के घर गाजीपुर के बडहरा टूर्ना के खेल मैदान से शुरुआत की। जिलास्तरीय ट्रायल 2018 में लालपुर में हुआ यही पर कोच चंद्रभान यादव से मुलाकात हुई। इसके बाद अंडर-12 से खेलना शुरू किया। तब मैं कक्षा छह में पढ़ती थी। उन्होंने गांव की एथलेटिक्स की राष्ट्रीय खिलाड़ी और वर्तमान में रेलवे में कार्यरत नंदनी गुप्ता को देखकर खेलना शुरू किया। पहला मेडल जिलास्तरीय प्रतियोगिता में मिला।
सब जूनियर वर्ग की प्रतियोगिता तिरुपति बालाजी स्टेडियम में खेलने गई। 2021 प्रादेशिक में स्वर्ण पदक जीत नागालैंड की राजधानी कोहिमा में अंडर-16 दो किमी क्राॅस कंट्री खेला। 2023 में चार प्रादेशिक और दो राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। 2025 में सीनियर प्रादेशिक महिला एथलेटिक्स प्रतियोगिता में रजत पदक जीता।
15 सप्ताह तक पैर को सीधा रखना पड़ा
ब्यूटी ने बताया कि 2021 में घुटने में परेशानी हुई। 15 सप्ताह तक बेड रेस्ट करना पड़ा। घुटने को सीधा रखना पड़ता था। इसके बाद छह महीने तक आराम किया और रिहैब के बाद खेलने उतरी और एक साल में तीन मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीते।