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बीएचयू में एक और खुलासा, नियुक्ति की शिकायत के जवाब में भी गोलमाल
रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 07 Apr 2018 05:15 PM IST
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बीएचयू
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बीएचयू में शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता के मामले में हर दिन नया खुलासा हो रहा है। ताजा मामला अनियमितताओं की शिकायत के जवाब से जुड़ा है। विज्ञान संकाय में हुई नियुक्तियों के लिए बनी संकाय स्तर की चयन समिति में निदेशक के हस्ताक्षर संदेह के घेरे में हैं।
नवंबर में निदेशक पद से सेवानिवृत्त प्रोफेसर के हस्ताक्षर से फरवरी में आरटीआई का जवाब दिया गया है। विज्ञान संकाय के प्राणि विज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुई नियुक्ति में अनियमितताओं की शिकायत 26 जनवरी, 18 को पब्लिक ग्रीवांसेज सेल पर की गई थी।
विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत पर जवाब मांगा गया। बाद में संकाय स्तर पर चयन के लिए फैकेल्टी असेसमेंट कमेटी (एफएसी) सदस्यों से भी नियुक्ति पर बिंदुवार जवाब मांगा गया। एफएसी में विज्ञान संस्थान के निदेशक समेत कुल पांच सदस्य थे।
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पब्लिक ग्रीवांसेज सेल को ऑनलाइन दिए गए जवाब में सभी सदस्यों के हस्ताक्षर तो है हीं, निदेशक की जगह पूर्व निदेशक प्रो. चंदना हलदर के भी हस्ताक्षर हैं। प्रो. हलदर 30 नवंबर, 2017 को सेवानिवृत्त हो गई थी।
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नवंबर में निदेशक पद से सेवानिवृत्त प्रोफेसर के हस्ताक्षर से फरवरी में आरटीआई का जवाब दिया गया है। विज्ञान संकाय के प्राणि विज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुई नियुक्ति में अनियमितताओं की शिकायत 26 जनवरी, 18 को पब्लिक ग्रीवांसेज सेल पर की गई थी।
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विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत पर जवाब मांगा गया। बाद में संकाय स्तर पर चयन के लिए फैकेल्टी असेसमेंट कमेटी (एफएसी) सदस्यों से भी नियुक्ति पर बिंदुवार जवाब मांगा गया। एफएसी में विज्ञान संस्थान के निदेशक समेत कुल पांच सदस्य थे।
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पब्लिक ग्रीवांसेज सेल को ऑनलाइन दिए गए जवाब में सभी सदस्यों के हस्ताक्षर तो है हीं, निदेशक की जगह पूर्व निदेशक प्रो. चंदना हलदर के भी हस्ताक्षर हैं। प्रो. हलदर 30 नवंबर, 2017 को सेवानिवृत्त हो गई थी।
नियमों का हुआ उल्लंघन
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यहीं नहीं, फरवरी के दूसरे सप्ताह में दिए गए इस जवाब पर प्रो. हलदर को छोड़ जिन पांच सदस्यों ने तारीख सहित अपने हस्ताक्षर किए हैं, जबकि प्रो. हलदर ने केवल हस्ताक्षर किए हैं।
नियमानुसार शिक्षक नियुक्ति के लिए संकाय स्तर की कमेटी में पदानुसार निदेशक ही चेयरमैन होता है। जवाब भी वर्तमान निदेशक को ही देना चाहिए। संस्थान में 17 दिसंबर, 17 से प्रो. नवीन कुमार निदेशक हैं। बावजूद इसके शिकायत पर प्रो. कुमार के स्थान पर प्रो. हलदर ने हस्ताक्षर किए हैं। प्रो. कुमार ने माना भी कि उन्हें इस मामले की जानकारी है।
प्रो. चंदना हलदर का कहना है कि शिकायत के जवाब पर मैंने पूर्व निदेशक और कमेटी के सदस्य के तौर पर हस्ताक्षर किए हैं। वर्तमान निदेशक की हैसियत से कहीं भी हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं। इसका प्रमाण देखा जा सकता है।
नियमानुसार शिक्षक नियुक्ति के लिए संकाय स्तर की कमेटी में पदानुसार निदेशक ही चेयरमैन होता है। जवाब भी वर्तमान निदेशक को ही देना चाहिए। संस्थान में 17 दिसंबर, 17 से प्रो. नवीन कुमार निदेशक हैं। बावजूद इसके शिकायत पर प्रो. कुमार के स्थान पर प्रो. हलदर ने हस्ताक्षर किए हैं। प्रो. कुमार ने माना भी कि उन्हें इस मामले की जानकारी है।
प्रो. चंदना हलदर का कहना है कि शिकायत के जवाब पर मैंने पूर्व निदेशक और कमेटी के सदस्य के तौर पर हस्ताक्षर किए हैं। वर्तमान निदेशक की हैसियत से कहीं भी हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं। इसका प्रमाण देखा जा सकता है।