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BHU छात्राओं पर लाठीचार्ज, अगले सप्ताह तक पूरी हो जाएगी जांच रिपोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 15 Feb 2018 02:24 PM IST
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छात्राओं का धरना-प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में 21 सितंबर को हुए बवाल की मजिस्ट्रेटी जांच लगभग पूरी हो गई है। जांच अधिकारी एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय अगले सप्ताह तक रिपोर्ट डीएम योगेश्वर राम मिश्र को देंगे। इसके बाद ये रिपोर्ट शासन को भी भेजी जाएगी।
सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट में बीएचयू प्रशासन और बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों को कटघरे में खड़ा किया गया है। रिपोर्ट में बीएचयू के छात्र और छात्राओं की ओर से दी गई वीडियो क्लिप को भी शामिल किया गया है। वीडियो में सुरक्षाकर्मियों के छात्रों पर लाठियां भांजते दिखने का दावा किया गया है।
बीएचयू प्रशासन अगर छात्रों से समय रहते वार्ता कर लेता और उनकी मांगों को पूरा करने या फिर विचार करने का आश्वासन देता तो हो सकता है कि इतना बड़ी घटना न हुई होती। बीएचयू में हुए बवाल को लेकर जमकर किरकिरी होने के बाद तत्कालीन कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी लंबी छुट्टी पर चले गए थे।
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सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट में बीएचयू प्रशासन और बीएचयू के सुरक्षाकर्मियों को कटघरे में खड़ा किया गया है। रिपोर्ट में बीएचयू के छात्र और छात्राओं की ओर से दी गई वीडियो क्लिप को भी शामिल किया गया है। वीडियो में सुरक्षाकर्मियों के छात्रों पर लाठियां भांजते दिखने का दावा किया गया है।
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बीएचयू प्रशासन अगर छात्रों से समय रहते वार्ता कर लेता और उनकी मांगों को पूरा करने या फिर विचार करने का आश्वासन देता तो हो सकता है कि इतना बड़ी घटना न हुई होती। बीएचयू में हुए बवाल को लेकर जमकर किरकिरी होने के बाद तत्कालीन कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी लंबी छुट्टी पर चले गए थे।
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प्राक्टोरियल बोर्ड की मानवाधिकार आयोग से शिकायत
वाराणसी
- फोटो : self
बीएचयू परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर में एक छात्र के दर्शन कराने के दौरान हुए विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां चीफ प्राक्टर ने छात्रों पर अपने साथ दुर्व्यवहार, मारपीट के प्रयास का आरोप लगाया है वहीं छात्रों ने भी चीफ प्राक्टर पर गाली गलौच कर प्राक्टोरियल बोर्ड की ओर से पिटवाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इस बीच छात्रों ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर दोषियों पर कार्रवाई के लिए लिखा है। मंगलवार की घटना को लेकर बुधवार को मंदिर गेट पर सीओ की मौजूदगी में भारी संख्या में पीएसी तैनात रही।
महाशिवरात्रि के मौके पर तबीयत खराब होने पर आईसीयू में भर्ती बीए तृतीय वर्ष के छात्र अभिषेक के अस्पताल से बाहर आने के बाद विश्वनाथ मंदिर दर्शन कराने गए थे। यहां लाइन के बजाय अलग से दर्शन कराने को लेकर उनकी सुरक्षाकर्मियों से पहले नोंकझोंक हुई। छात्रों ने हाथापाई का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। तीन बजे से शुरू धरना रात 10.30 बजे खत्म हुआ।
इस बीच बुधवार को छात्र गौरव पटेल ने मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर पूरी घटना से अवगत कराते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यहीं नहीं आयोग की ओर से गौरव को भेजे गए एक पत्र में आवेदन पत्र स्वीकार करने के साथ ही शिकायत नंबर भी दिया गया है।
उधर मंगलवार की घटना के बाद मंदिर के प्रवेश द्वार के पास चीफ प्राक्टर, प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्य, क्षेत्राधिकारी के साथ पीएसी जवान मुस्तैद रहे। इस पूरे मामले में चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने छात्रों पर मारपीट करने, छेड़खानी का प्रयास का आरोप लगाया है।
इस बीच छात्रों ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर दोषियों पर कार्रवाई के लिए लिखा है। मंगलवार की घटना को लेकर बुधवार को मंदिर गेट पर सीओ की मौजूदगी में भारी संख्या में पीएसी तैनात रही।
महाशिवरात्रि के मौके पर तबीयत खराब होने पर आईसीयू में भर्ती बीए तृतीय वर्ष के छात्र अभिषेक के अस्पताल से बाहर आने के बाद विश्वनाथ मंदिर दर्शन कराने गए थे। यहां लाइन के बजाय अलग से दर्शन कराने को लेकर उनकी सुरक्षाकर्मियों से पहले नोंकझोंक हुई। छात्रों ने हाथापाई का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। तीन बजे से शुरू धरना रात 10.30 बजे खत्म हुआ।
इस बीच बुधवार को छात्र गौरव पटेल ने मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर पूरी घटना से अवगत कराते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यहीं नहीं आयोग की ओर से गौरव को भेजे गए एक पत्र में आवेदन पत्र स्वीकार करने के साथ ही शिकायत नंबर भी दिया गया है।
उधर मंगलवार की घटना के बाद मंदिर के प्रवेश द्वार के पास चीफ प्राक्टर, प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्य, क्षेत्राधिकारी के साथ पीएसी जवान मुस्तैद रहे। इस पूरे मामले में चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने छात्रों पर मारपीट करने, छेड़खानी का प्रयास का आरोप लगाया है।