वाराणसी: बिजली कर्मी की मौत पर ऊर्जा मंत्री ने जताई नाराजगी, बोले- लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
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वाराणसी में लापरवाही के चलते बिजली के संविदा कर्मचारी रोहित की मौत पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने कर्मी की मौत पर दुख जताते हुए लापरवाही पर भी कड़ी नाराजगी जताई है। साथ ही ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय की जाएगी।
ट्विटर के जरिए ऊर्जा मंत्री ने रोहित की मृत्यु पर दुख व्यक्त करते हुए परिवार वालों से संवेदना जताई है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों की घोर लापरवाही पर पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन से भविष्य में इस प्रकार की घटना दोबारा न हो, इसके प्रति जवाबदेही तय करने को कहा है।
वाराणसी में संविदा बिजलीकर्मी श्री रोहित की मृत्यु दुःखद है, उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना। यह @PuVVNLHQ की घोर लापरवाही है। @UppclChairman संबंधित की जवाबदेही तय करें और भविष्य में इस तरह की घटनायें न हों, सुनिश्चित करें। @myogiadityanath @BJP4UP
विज्ञापन विज्ञापन— Shrikant Sharma (@ptshrikant) February 7, 2021
प्रबंधन को निर्देश दिया कि कार्यदायी संस्थाओं से किए गए करार के अनुपालन की भी समीक्षा हो। जिम्मेदारों की भी जवाबदेही तय हो। संविदाकर्मी को सुरक्षा उपकरण पहनाए बिना क्यों काम पर लगाया? इस मामले में उन्होंने रिपोर्ट तलब की है।
घटना के बाद सवाल उठने लगा कि जब शटडाउन करके काम कराया जा रहा था तो आखिर बिजली की आपूर्ति कैसे हुई। इस मामले में बिजली विभाग ने जांच कमेटी बैठा दी है, और जांच शुरू कर दी है।
वाराणसी में नगर निगम के प्रधान कार्यालय के समीप घटना
शिवपुरवा क्षेत्र के गांधी चबूतरा का रहने वाला रोहित बिंद उर्फ कल्लू(32) दो साल से विद्यापीठ विद्युत उपकेंद्र में संविदा कर्मी के तौर पर कार्यरत था। शटडाउन लेकर वह दोपहर के समय सिगरा नगर निगम के प्रधान कार्यालय के पास बिजली के खंभे पर चढ़कर एलटी वायर की मरम्मत कर रहा था। रोहित के साथी कर्मचारियों के अनुसार शटडाउन लेने के बावजूद न जाने कैसे विद्युत आपूर्ति शुरू हो गई और करंट लगते ही वह पोल पर लटक गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि चार भाइयों में तीसरे नंबर का रोहित तीन बच्चों का पिता था। उधर, रोहित के साथी कर्मचारियों का कहना था कि इसकी जांच कराई जाए कि विद्युत आपूर्ति कैसे शुरू हुई और उसके लिए दोषी कौन है। पीड़ित परिजनों को मुआवजा दिया जाए।
कैंट विधायक के मंडलीय अस्पताल पहुंचने की सूचना पाकर मौके पर बिजली विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। पीड़ित परिजनों को बिजली विभाग के अधिकारियों ने 25 हजार रुपये नगद और पांच लाख का चेक दिया। भाजपा विधायक ने आश्वस्त किया कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।