वाराणसी: बिजली विभाग से अधिकारी और कर्मी गोल, कुर्सियां देख रहीं राह
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लाख प्रयास के बाद भी बिजली कर्मी और अधिकारियों की कार्य शैली में कोई बदलाव नहीं आया है। अमर उजाला ने विद्युत विभाग के नगरीय विद्युत वितरण मंडल प्रथम और द्वितीय कार्यालय की पड़ताल की। इस दौरान अधिकारी के न मिलने पर कर्मचारियों ने बताया कि साहब फील्ड में हैं।
अधीक्षण अभियंता कार्यालय होने के चलते उपभोक्ताओं की समस्या सुनने को यहां अधिकारियों का बैठना जरूरी होता है। लेकिन, सुबह 11 बजे तक वह कार्यालय नहीं आए। नगरीय विद्युत वितरण मंडल प्रथम के कार्यालय में कोविड-19 हेल्प डेस्क प्रवेश द्वार पर बनाया गया है। वहां कुर्सी रखी थी। लेकिन वह खाली थी। अंदर कार्यालय में इक्का-दुक्का कर्मचारी कंप्यूटर के कमरे में दिखे। दूसरे कमरे में कुर्सियां खाली थीं।
अधीक्षण अभियंता का कमरा बंद था। कार्यालय में मौजूद एक कर्मचारी ने बताया कि साहब फील्ड में है। फोन पर बात कर लीजिए।
नगरीय विद्युत वितरण मंडल द्वितीय के कार्यालय के प्रवेश द्वार पर कोविड-19 हेल्प डेस्क था। लेकिन कुर्सी नहीं थी। अंदर कार्यालय में कुर्सियां तो लगी थीं। लेकिन सब खाली थीं। अधीक्षण अभियंता कार्यालय बंद था। एक कर्मचारी वहां टहल रहा था। उसने पूछा कि किससे मिलना है। बताया गया साहब से मिलने आए हैं। कर्मचारी ने कहा साहब अभी नहीं है। कल आइएगा। कहां गए हैं पूछने पर बताया कि मुझे नहीं पता है।
उपखंड कार्यालय के बाहर लटका ताला
कार्यालय परिसर में नीचे लिखा था उपखंड विद्युत वितरण द्वितीय कार्यालय, लेकिन बाहर से ताला लगा था। बाहर कई गाड़ियां खड़ी थीं। कुछ लोग प्लाईवुड का सामान सीढ़ियों से ऊपर ले जा रहे थे।
विभागीय बैठक में भाग लेने के लिए लखनऊ आया था इस नाते कार्यालय में नहीं था। उपभोक्ताओं की शिकायतों को सुनने के लिए काउंटर बनाए गए हैं। जो भी शिकायतें आती हैं उनका समाधान समय से कराया जाता है।-दीपक अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता द्वितीय।