UP Weather: यूपी का चौथा सबसे गर्म शहर काशी, दिन-रात के तापमान में 16 डिग्री का अंतर; मई में घटी बिजली खपत
Varanasi Weather: वाराणसी में दिन और रात के तापमान में 16 डिग्री तक का अंतर दर्ज किया जा रहा है। दिन में तेज धूप से पारा 39 डिग्री के करीब पहुंच रहा है, जबकि रात में तेज हवाओं से राहत मिल रही है। मौसम विभाग ने अगले सप्ताह तापमान 42 डिग्री पार जाने की संभावना जताई है। मौसम में बदलाव से मई में बिजली खपत भी घटी है।
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Varanasi News: काशी में दिन और रात के मौसम में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। तीखी धूप के चलते दिन का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है, जबकि रात में तेज हवा चलने से तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक गिर जा रहा है। दिन और रात के तापमान में करीब 16 डिग्री सेल्सियस का अंतर दर्ज किया गया है।
रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री नीचे 38.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान हवा 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। हालांकि, काशी के लिए बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। रविवार को वाराणसी प्रदेश का चौथा सबसे गर्म शहर रहा।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों में काशी का तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इस सप्ताह पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना है। आठ मई से काशी में गर्मी तेजी से बढ़ी है और इसके बाद तापमान लगातार बढ़ रहा है।
इस सप्ताह तेजी से बढ़ सकता है पारा
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, प्रदेश में आगामी एक सप्ताह के दौरान तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त हो सकता है। सक्रिय मौसम तंत्र नहीं होने के कारण आगामी दो दिनों तक प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रह सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में संभावित हल्की बारिश के बाद अगले एक सप्ताह में तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, फिलहाल प्रदेश में लू चलने की संभावना बहुत कम है।
मई में नौ दिन के भीतर घटी बिजली खपत, मौसम में बदलाव बना वजह
अप्रैल महीने में तेज धूप और भीषण गर्मी के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई थी, लेकिन पिछले सप्ताह इसमें कुछ सुधार देखने को मिला। स्थिति यह रही कि अप्रैल में जिले की बिजली खपत पिछले वर्ष की तुलना में 140 मेगावाट तक अधिक पहुंच गई थी। मई महीने के शुरुआती नौ दिनों में दो बार बारिश होने, धूप का असर कम रहने और हवा में नमी बढ़ने से घरों में एसी और कूलर का इस्तेमाल कम हुआ। इसी वजह से इस वर्ष मई में बिजली की खपत पिछले साल की तुलना में कम दर्ज की गई है।
जिले में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए मार्च में अभियान चलाकर ढीले तारों को दुरुस्त कराया गया और जर्जर तार बदले गए। इसके बावजूद अप्रैल में भीषण गर्मी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अधिक इस्तेमाल से बिजली की मांग बढ़ गई। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से अंतिम सप्ताह तक 10 से अधिक ट्रांसफॉर्मर जल गए। ट्रिपिंग की समस्या के कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मई की शुरुआत में मौसम में बदलाव आने से तापमान में गिरावट हुई, जिससे बिजली की खपत भी कम हो गई।
हालांकि रविवार को फिर तेज धूप निकलने लगी है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिजली खपत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मुख्य अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग कम होने की वजह से बिजली का लोड घटा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गर्मी में जरूरत के अनुसार ही उपकरणों का इस्तेमाल करें, ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने में परेशानी न हो।