Electricity Crisis: ट्रांसफाॅर्मर पर कूद गई बिल्ली, 10 गांवों में 13 घंटे बाद आई बिजली; गर्मी से बिलबिलाए लोग
गर्मी के कारण वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में आए दिन ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। बत्ती गुल हो जाने से लोगों को पानी सहित तमाम तरह की समस्याएं झेलनी पड़ रही है। दिन और रात में गर्मी जिस तरह से हो रही है, उससे बिजली की खपत भी बढ़ गई है।
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कछवा रोड इलाके में सोमवार की आधी रात एक ट्रांसफाॅर्मर पर बिल्ली के कूदने से जंफर उड़ गया। इससे 10 से अधिक गांवों में अंधेरा छा गया। लोगों ने उपकेंद्र को सूचना दी लेकिन बिजली आपूर्ति किसी तरह 13 घंटे बाद बहाल हो सकी।
बिजली आपूर्ति की बेहतर व्यवस्था के बिजली निगम की ओर से भले ही दावें खूब किए जा रहे हैं लेकिन हकीकत में लोगों को परेशानी ही झेलनी पड़ रही है। मंगलवार को शहर से लेकर गांव तक कटौती, लोकल फाॅल्ट, ट्रिपिंग की वजह से लोग परेशान रहे।
दिन और रात में गर्मी जिस तरह से हो रही है, उससे बिजली की खपत भी बढ़ गई है। आम तौर पर मई महीने में 650 से 700 मेगावाट तक बिजली खपत रहती है लेकिन पिछले तीन दिन से 800 मेगावाट तक पहुंच गई है।
मंगलवार को सुंदरपुर, नरिया, साकेतनगर, पांडेय महाल, भगवानपुर, डाफी, मंडुवाडीह, मैदागिन से लेकर सारनाथ, लोहता इलाके में बिजली की आवाजाही से लोग परेशान रहे। उधर कछवा रोड दक्षिण बाजार में सोमवार की आधी रात बाद एक बजे एक बिल्ली ट्रांसफाॅर्मर पर कूद गई। इससे उसकी मौत हो गई। इस घटना से ट्रांसफार्मर का जंफर उड़ गया, जिससे कछवा रोड बाजार, पूरे, लच्छापुर, बीरबलपुर सहित 10 से अधिक गांवों में बिजली गुल हो गई।
लोगों को पानी का संकट भी झेलना पड़ा। ग्रामीणों की सूचना के बाद मंगलवार की सुबह ठठरा उपकेंद्र की जेई दीक्षा सिंह बिजली कर्मचारियों को लेकर सुबह करीब 10 बजे पहुंची। करीब 4 घंटे बाद दोपहर 2 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली।