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बारिश का असरः गंगा में हर घंटे एक सेमी बढ़ रहा जलस्तर, नाविकों की माथे पर चिंता की लकीरें

Sun, 20 Jun 2021 01:38 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 20 Jun 2021 01:38 AM IST
सार

गंगा में उफान के कारण नाविक चिंतित हो उठे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण फिर से उनकी रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है। कोरोना के कारण लॉकडाउन के वजह से गंगा में नाव संचालन बंद था।

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Effect of rain in varanasi Water level rising by one cm every hour in Ganga  sailors are in trouble
दूर हुई शैवाल की समस्या, प्रशासन ने शुरू की राहत बचाव की तैयारियां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी ने नाविकों की माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं। वहीं गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण शैवाल की समस्या तो दूर हो गई है, लेकिन कई घाटों पर जलकुंभी ने डेरा डाल दिया है। गंगा के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है।

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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शनिवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 59.14 मीटर था जो रात नौ बजे 59.35 मीटर तक पहुंच गया। बीते 48 घंटों में गंगा के जलस्तर में करीब दो फीट से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने भी तैयारी शुरू कर दी है।
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बाढ़ चौकियों के बनाए जाने से लेकर नाविकों और गोताखोरों तक की सूची तैयार करने का निर्देश डीएम कौशल राज शर्मा ने अधिकारियों को दिया है। डीएम ने अधिकारियों को बाढ़ के वक्त काम आने वाली जरूरी सामान जैसे लाइफ जैकेट, फ्लोटिंग ट्यूब, टॉर्च, तिरपाल आदि की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा बाढ़ के दौरान राहत सामग्री जैसे सूखा अनाज, लाई चना, बिस्कुट आदि के अभी से वेंडर्स तय करने के निर्देश भी दिए हैं।

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...तो फिर छीन जाएगी रोजी रोटी

गंगा में उफान के कारण नाविक चिंतित हो उठे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण फिर से उनकी रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है। कोरोना के कारण लॉकडाउन के वजह से गंगा में नाव संचालन बंद था। 14 जून से नाव संचालन की अनुमति मिली तो अब गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से नाविक परेशान हैं।

सात दिन में टूट गया जून के औसत बारिश का रिकॉर्ड

मानसून के आने के बाद अब तक सात दिन में ही 200 मिलीमीटर बारिश होने से जून में औसत मानक का रिकॉर्ड टूट गया है। आने वाले दिनों में बारिश की जो संभावना जताई जा रही है, उससे पिछले दस साल का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। पिछले 24 घंटे में तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।  13 से 16 जून तक 44 मिलीमीटर बारिश हुई थी जबकि 17 जून को 102 मिलीमीटर बारिश हुई। शुक्रवार और शनिवार को मिलाकर दो दिन में मौसम विभाग ने 54 मिलीमीटर बारिश दर्ज की। 13 से 19 जून तक कुल 200 मिलीमीटर बारिश हुई।

मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय के अनुसार जून महीने में औसत बारिश का मानक 114 मिली मीटर है, ऐसे में इन सात दिनों में ही इसका रिकॉर्ड टूट गया। बताया कि मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है।  अभी भी कम दबाव का क्षेत्र दक्षिणी पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना है। इस वजह से अगले दो-तीन दिन तक बारिश होने के आसार है। इसके बाद मौसम साफ रहेगा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि शनिवार को तीन डिग्री कम 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान भी 24.2 की जगह शनिवार को 24.0 डिग्री सेल्सियस रहा।

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