Education: काशी विद्यापीठ में 21 दिन में जारी हुआ सेमेस्टर परीक्षा परिणाम, पढ़ें- शिक्षा से जुड़ी अन्य खबरें
Varanasi News: काशी विद्यापीठ में 21 दिन में ही सेमेस्टर परीक्षा का परिणाम जारी हो गया। दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति ने समय से परीक्षा करवाकर परिणाम जारी करने को अधिकारियों से कहा था। उधर, राष्ट्रीय मूट कोर्ट में 20 विधिक टीमें प्रतिभा दिखाएंगी।
विस्तार
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ कैंपस के विद्यार्थियों की एमए की सेमेस्टर परीक्षा का परिणाम परीक्षा होने के 21 दिन बाद जारी कर दिया गया। ऐसा पहली बार हुआ है,जब उसी महीने में परीक्षा करवाई गई और परिणाम भी विश्वविद्यालय की ओर से निकाल दिया गया है। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति ने समय से परीक्षा करवाकर परिणाम जारी करने को अधिकारियों से कहा था। इसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से सेमेस्टर परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया गया। परिसर के विद्यार्थियों की सेमेस्टर परीक्षा आठ दिसंबर को शुरू हुई थी। परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा ने बताया कि एमए फिलॉसफी तृतीय सेमेस्टर और योगा तृतीय सेमेस्टर का परिणाम जारी परीक्षा होने के 21 दिन बाद ही जारी कर दिया गया। जैसे-जैसे परीक्षा समाप्त होती जा रही हैं, कॉपियों का मूल्यांकन भी करवाया जा रहा है।
राष्ट्रीय मूट कोर्ट में 20 विधिक टीमें दिखाएंगी प्रतिभा, विजेता को 1 लाख
बीएचयू में नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता (एमसीसी) के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। विजेताओं को एक लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी। 13वीं महामना मालवीय नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता 13 से 15 मार्च तक आयोजित होगी। विधि संकाय की ओर से इसकी घोषणा कर दी गई है। फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. केशरी नंदन शर्मा बनाए गए हैं।इस बार मूट कोर्ट की थीम मध्यस्थता और प्रतिस्पर्धा कानून के बीच के परस्पर संबंध रहेगी। इसमें विवादों के निपटारे और बाजार नियामकों के लिए आने वाली चुनौतियों पर प्रतियोगिता की बात होगी। मूट कोर्ट में 20 से ज्यादा टीमों में चयनित विधिक छात्रों और कानून के जानकारों के संवाद होंगे। इसके तहत अगली पीढ़ी के विधिक नेताओं का चयन किया जाएगा। विधि संकाय की ओर से पहली राष्ट्रीय भाषण प्रतियोगिताओं का विजेता घोषित कर दिए गए हैं। विधि संकाय की छात्रा इशिता मिश्रा और सृष्टि सिंह समेत 10 विजेताओं के नाम घोषित किए गए। प्रतिभागियों को आठ हजार रुपये इनाम दिए गए। सोमवार को विधि संकाय में जस्टिस पीके गिरी, जस्टिस आरएल शुक्ला और डीन की ओर से सम्मानित किया गया। इससे पहले बीएचयू में अंतर विधि संकाय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में देशभर की 23 टीमों ने प्रतिभा दिखाई। इसमें रिसर्च स्कॉलर्स को जज के तौर पर प्रस्तुत किया गया था।
हर टीम में 2-3 सदस्य
मूट कोर्ट कमेटी एक आधिकारिक समिति है। इसमें टीमों में 2 या 3 सदस्य होते हैं। दो सदस्यों वाली टीम में दोनों को वक्ता नामित किया जाएगा और किसी भी सदस्य को शोधकर्ता के रूप में नामित नहीं किया जा सकता। तीन सदस्यों वाली टीम में दो सदस्यों को वक्ता और एक को शोधकर्ता नामित किया जाता है।
एलएलबी-बीएलएलबी के छात्र होंगे प्रतिनिधि
कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में न्याय की प्रक्रिया को समय के अनुसार बदलने और विस्तार करने पर सहमतियां बनती हैं। इसका संचालन छात्रों द्वारा ही किया जाता है। एमसीसी में एलएलबी (ऑनर्स) और बी.ए. एलएलबी (ऑनर्स) कोर्स के छात्रों को प्रतिनिधि के तौर पर शामिल किया जाता है। इसका नेतृत्व एक छात्र समन्वयक और दो संयुक्त समन्वयक करते हैं। समिति वार्षिक रूप से एक इंट्रा-मूट कोर्ट प्रतियोगिता आयोजित करती है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने के लिए छात्रों के चयन का एक आधार तैयार करती है।
आईआईटी में खुला ई-वेस्ट प्रबंधन, पुनर्चक्रण केंद्र
आईआईटी बीएचयू के धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग में मंगलवार को विनोद घई ई-वेस्ट प्रबंधन एवं पुनर्चक्रण केंद्र का उद्घाटन निदेशक प्रो. अमित कुमार पात्रा ने ऑनलाइन किया। निदेशक ने केंद्र को सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट (ई-वेस्ट) प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार-आधारित समाधानों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
आईआईटी के डीन फैकेल्टी अफेयर्स प्रो. एनके मुखोपाध्याय ने कहा कि यह केंद्र सतत विकास, परिपत्र अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण सामग्रियों में राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता को समर्थन देने में शैक्षणिक, तकनीकी एवं सामाजिक दृष्टि से अत्यंत प्रासंगिक सिद्ध होगा। धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एनसी शांति श्रीनिवास ने ई-वेस्ट की बढ़ती समस्या और समाधान के लिए स्वदेशी, विज्ञान-आधारित प्रयासों की तात्कालिक आवश्यकता पर चर्चा की।
डीन (संसाधन एवं पुरा छात्र) प्रो. हीरालाल प्रमाणिक ने बताया कि यह केंद्र धातुकर्म अभियांत्रिकी के पूर्व छात्र और धातुकर्म अभियंता विनोद घई केसहयोग से स्थापित किया गया है। आईटी-बीएचयू से स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने के बाद घई ने जर्मनी और कनाडा में अलग-अलग कंपनियों में सेवा दी। इस दौरान केंद्र के प्रधान अन्वेषक प्रो. कमलेश के सिंह ने भी केंद्र के बारे में विस्तार से बताया।
महामना महोत्सव के तहत बेसेंट थियोसॉफिकल सेकेंडरी हाईस्कूल परिसर में मंगलवार को विज्ञान प्रदर्शनी में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अलग-अलग मॉडलों से पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान निर्णायकों ने युवा वैज्ञानिकों की प्रतिभाओं की सराहना की। सेवाज्ञ संस्थानम की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में बतौर मुख्य अतिथि आईयूसीटीई के प्रो. ज्ञानेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों के बनाए मॉडलों का अवलोकन किया। उनसे संवाद कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान भावना, व्यावहारिक सोच की सराहना की। उन्हाेंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में जिज्ञासा और नवाचार को बढ़ावा देती हैं। सेवाज्ञ संस्थानम से डॉ. कुलदीप नारायण ने कहा कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान प्रवृत्ति, नवाचार और रचनात्मक क्षमता को विकसित करना है। 31 दिसंबर को चित्रकला प्रतियोगिता, बंगाली टोला इंटर कॉलेज, सोनारपुरा में आयोजित की जाएगी। इस दौरान विद्यालय प्रबंधक शशिनंदन लाल, प्रधानाचार्य अंजू राय मौजूद रहे।