फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   education

बच्चों को इकट्ठा कर गांवों में पढ़ाएंगे शिक्षक

Tue, 18 Aug 2020 01:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2020 01:09 AM IST
विज्ञापन
education
वाराणसी। कोविड-19 संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए शिक्षण संस्थान 22 मार्च से ही बंद है। लेकिन बच्चों शिक्षा बाधित नहीं हो इसके लिए अब स्कूलों के बच्चों को एंड्रॉयड फोन के जरिए पढ़ाया जा रहा है। हालांकि गांव में कई ऐसे बच्चे हैं जिनके पास एंड्रॉयड फोन नहीं होने की वजह से वह पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह व शिक्षकों ने बच्चों को पढ़ाने के लिए एक नया तरीका निकाला है। जिसमें न बच्चों को स्मार्ट फोन की जरूरत पड़ेगी न ही बच्चों को स्कूल जाना होगा।
विज्ञापन

इसके तहत शिक्षक उन बच्चों तक खुद पहुंचकर पढ़ाई कराएंगे। सोमवार को बीएसए ने सेवापुरी विकास क्षेत्र के 10 गांवों में इस नई पहल की शुरुआत की। इसके तहत विद्यालय के शिक्षक अपने विद्यालय क्षेत्र के गांवों में जाकर ऐसे बच्चों को एक जगह इकट्ठा करेंगे जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है। सामाजिक दूरी के साथ इन बच्चों को पढ़ाया जाएगा। जहां एक ओर विद्यालय के शिक्षक गांव में पहुंच कर बच्चों को इकट्ठा करेंगे तो वहीं दूसरे शिक्षक विद्यालय में बैठकर बच्चों को फोटो और वीडियो के जरिए कविता-कहानी, अक्षर ज्ञान के साथ-साथ गणित और विज्ञान के पाठ्यक्रमों का अभ्यास कराएंगे।
विज्ञापन

कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई में सबसे ज्यादा समस्या है। इसी को देखते हुए एक नई पहल की गई है। जिसमें ज्यादा से ज्यादा बच्चे शिक्षित हो सकें।- राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

ब्लूटूथ एम्पलीफायर के जरिये पढ़ रहे प्राथमिक के बच्चे
कई क्षेत्रों में बच्चों के घरों में स्मार्ट फ़ोन उपलब्ध नहीं है या वो नेटपैक नहीं रख पाते। इसे समस्या को देखते हुए प्राथमिक विद्यालय सीवो के शिक्षकों ने एक नया प्रयोग किया। जिसमें वो बच्चों को वीडियो कॉलिंग के माध्यम से पढ़ा रहे है। इसमें गांव के शिक्षक सत्येन्द्र कुमार मौर्य तकनीकी सहायता प्रदान कर रहे। सत्येन्द्र अपने फोन को ब्लूएटूथ एम्पलीफायर से जोड़ देते है जिससे विद्यालय में बैठी शिक्षिका की आवाज आसानी से 8-10 बच्चों तक पहुंच जाती है। विद्यालय की इस टीम में सत्येंद्र कुमार मौर्य, ज्योत्स्ना अग्रवाल, अर्चना, अनामिका सिंह, सरिता यादव, उर्मिला यादव, धर्मा देवी के साथ प्रधानाध्यापक प्रताप नारायण सिंह की मुख्य भूमिका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed