सावन में भी बाबा का सुगम दर्शन: मंगला आरती, रुद्राभिषेक का ऑनलाइन टिकट; बुकिंग का नियम जान लें
Varanasi News: सावन में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को चार सोमवार छोड़कर अन्य सभी दिनों में बाबा के सुगम दर्शन मिल सकेंगे। मंगला आरती, रुद्राभिषेक और अन्य सेवाओं के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा जारी रहेगी। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से समय से ऑनलाइन बुकिंग कर निर्धारित समय पर पहुंचने की अपील की है।
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Sawan: सावन पर बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए राहत भरी खबर है। सावन महीने में सुगम दर्शन, मंगला आरती और रुद्राभिषेक कराने के लिए ऑनलाइन टिकट मिलेंगे। मंदिर प्रशासन की ओर से 29 अगस्त तक की बुकिंग शुरू कर दी गई है। सिर्फ सावन में चार सोमवारों को छोड़कर किसी भी दिन का टिकट किया जा सकेगा। तीन अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को ऑनलाइन टिकट नहीं मिल पाएगा।
मंदिर की ओर से बताया गया है कि बुकिंग से पूर्व पोर्टल पर उपलब्धता जरूर जांच लें। टिकट को लेकर मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड लेकर आना जरूरी है। सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे अपने आधार कार्ड के अनुसार ही सही जानकारी दें। दी गई जानकारी की जांच मंदिर के प्रवेश द्वार पर की जाएगी। नाम और आधार नंबर में कोई भी अंतर होने पर प्रवेश से मना किया जा सकता है।
सुगम दर्शन के 300 रुपये, मंगला आरती के 500 रुपये और रुद्राभिषेक के 450 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं दोपहर की भोग आरती, सप्तर्षि आरती और श्रृंगार भोग आरती के 300-300 रुपये चुकाने होंगे।
मंदिर प्रशासन की अपील : यदि टिकट के लिए पेमेंट कट गया है, तो कृपया दोबारा पेमेंट न करें। 24 घंटे इंतजार करें या अगर समस्या बनी रहती है, तो हेल्पडेस्क से +91 6393131608 पर संपर्क करें।
मंगला आरती के वेटिंग लिस्ट नहीं
मंगला आरती बुकिंग के लिए कोई वेटिंग लिस्ट नहीं है। यदि आपका टिकट सफलतापूर्वक कन्फर्म नहीं होता है, तो पेमेंट स्वीकार या प्रोसेस नहीं किया जाएगा। अपने आप वापस हो जाएगा। - ऑनलाइन तत्काल मंगला आरती बुकिंग वालों का प्रवेश गेट 4बी से होगा और बैठने की व्यवस्था नॉर्थ एलईडी एरिया में होगी।
कर्दमेश्वर से शूल टंकेश्वर तक उमड़ेंगे भक्त
सावन के पहले दिन बाबा विश्वनाथ मंदिर में 3-4 लाख भक्तों के दर्शन-पूजन का अनुमान है। वहीं मंगला आरती में भी एक हजार से ज्यादा भक्तों की मौजूदगी हो सकती है। कतारबद्ध भक्त सुबह मंगला आरती के बाद से ही दर्शन पूजन करेंगे। धाम में सात द्वारों से प्रवेश और इतने से ही निकासी भी होगी। जिले के बाकी मंदिरों में गौरी केदारेश्वर, मारकंडेय महादेव, शूल टंकेश्वर, तिल भांडेश्वर, कर्दमेश्वर महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्तों का हुजूम उमड़ेगा।