नई व्यवस्था का विरोध: वाराणसी में ई-रिक्शा चालकों ने चाभी और हाथ में तिरंगा लेकर किया विरोध प्रदर्शन
वाराणसी में ई-रिक्शा संचालन की नई व्यवस्था को लेकर चालकों में नाराजगी है। करीब एक सप्ताह से ई-रिक्शा चालकों का विरोध प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को नई व्यवस्था लागू होने के बाद बुधवार को भारी संख्या में चालक पीएम से संसदीय कार्यालय पर चाबी सौंपने पहुंच गए।
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विधायक ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन से वार्ता के बाद कुछ ठोस निष्कर्ष निकाला जाएगा। दोपहर में काफी संख्या में ई-रिक्शा चालक गुरुधाम स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय कार्यालय में ज्ञापन सौंपने पहुंचे। भारी संख्या को देखते हुए भेलूपुर पुलिस फोर्स कार्यालय के बाहर भी मुस्तैद रही।
कार्यालय पहुंचने के बाद ई-रिक्शा चालकों ने कहा कि रूटवार संचालन की व्यवस्था से चालक भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। यातायात पुलिस मनमाने तरीके से रूट का निर्धारण करते हुए ई-रिक्शा चालकों की रोजी छिनने पर उतारू है। अखिल भारतीय ई-रिक्शा चालक यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण काशी के नेतृत्व में ई-रिक्शा चालकों ने नारेबाजी की।
गजबे, अइसन लगत हौ कि दूसरे शहर में आ गयल हई
वाराणसी। ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल और कलर कोड व्यवस्था लागू होने से शहर काफी खुला-खुला सा नजर आ रहा है। ई-रिक्शा से हमेशा घिरे रहने वाले इंग्लिशिया लाइन, कैंट स्टेशन, गोदौलिया, लक्सा, रामापुरा, मैदागिन, लंका और लहुराबीर समेत अर्दली बाजार, कचहरी, भोजूबीर और पांडेयपुर चौराहा खाली दिखा।
आशापुर के देवी प्रसाद मिश्रा कहते हैं कि अइसन लगत हव कि कहीं दूसरे शहर में आ गईल हई... जिधर जात हई उधर रास्ता खाली मिलत हव। आशापुर चौराहा से पहड़िया, अकथा तिराहा और पांडेयपुर चौराहा हमेशा ई-रिक्शा वालन से घिरल रहत रहल। कलरकोड व्यवस्था लागू होवे से ई-रिक्शा वालन के त पता नहीं, बाकी पब्लिकन के काफी राहत हव।
लंका के सीरगोवर्धन निवासी धर्मेंद्र यादव कहते हैं कि देखा व्यवस्था से खेलवाड़ नहीं करे के चाही। ई-रिक्शा वालन क मन बहुत बढ़ल रहल... छोट-छोट लइका भी लेके ई-रिक्शा सड़क पर निकल जात रहलन... बहरी ई-रिक्शा जादे बनारस में आके जाम के बढ़ावत रहलन। पुलिस क ई व्यवस्था जाम के काफी हद तक कम कर देही।
साकेत नगर निवासी पियूष मिश्रा कहते है कि बनारस में ई-बस नरक मचा देहले रहलन... जेहर देखा, उधरे ई-रिक्शा। पैदल रिक्शा वालन क कमाई मर गईल रहल... अब देखा ऊ सब भी कमा खा सकीहन। दूसर बात कि ई-रिक्शा वालन पर भी तनी लगाम लगी।