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ई-रिक्शा चालक हत्याकांड: बेटे के कफन का इंतजाम कर लो... कहकर घर पहुंचा था आरोपी, ढाई साल बाद एफआईआर
Mon, 02 Nov 2026 05:11 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Mon, 02 Nov 2026 05:11 PM IST
सार
ई-रिक्शा चालक की हत्या में दो नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ ढाई साल बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। अदालत के आदेश पर शिवपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया। चालक के पिता ने हत्या कर शव खेत में फेंकने का आरोप लगाया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी कमिश्नरेट के शिवपुर थाना क्षेत्र के इन्दपुर में जून 2024 में हुई ई-रिक्शा चालक अरविंद कुमार पटेल (33) की हत्या के मामले में करीब ढाई साल बाद अदालत के आदेश पर पुलिस ने दो नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। इन्दपुर निवासी कुंवर प्रसाद पटेल के अनुसार, उनका बेटा अरविंद ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। 16 जून 2024 की सुबह करीब 8:30 बजे वह ई-रिक्शा लेकर घर से निकला था।
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आरोप है कि रास्ते में दीपक कुमार उपाध्याय और राजू पटेल ने तीन-चार अज्ञात लोगों के साथ उसे रोक लिया और जबरन काशीराम आवास की ओर ले गए। कुछ स्थानीय लोगों ने भी उसे आरोपियों के साथ जाते हुए देखा था।
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पिता का आरोप है कि उसी दिन अरविंद की हत्या कर शव इन्दपुर खोरी स्थित मां गायत्री स्कूल के सामने दक्षिण तरफ खेत में फेंक दिया गया। दोपहर करीब दो बजे दीपक कुमार उपाध्याय उनके घर पहुंचा और कहा कि अपने बेटे के कफन की व्यवस्था कर लीजिए। इससे उन्हें बेटे की हत्या किए जाने का संदेह हुआ।
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मृतक के पास मौजूद ई-रिक्शा की चाबी, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी वाला पर्स भी गायब था। कुंवर प्रसाद का आरोप है कि उन्होंने 17 जून 2024 को ही शिवपुर थाने में घटना की सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
इसके बाद उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। अदालत के आदेश पर एक नवंबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई। थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि अदालत के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।