फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Dug well to quench thirst, run across Shivling

प्यास बुझाने के लिए खोदा कुआं, मिला शिवलिंग

Tue, 03 Mar 2020 10:53 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी हरिओम पाण्डेय, अमर उजाला, वाराणसी
हरिओम पाण्डेय, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Tue, 03 Mar 2020 10:53 AM IST
विज्ञापन
Dug well to quench thirst, run across Shivling
खुदाई के बाद कुएं में मिला शिवलिंग - फोटो : अमर उजाला।

वाराणसी के बभनियाव में भूगर्भ से निकल रहे पुरातात्विक अवशेष और शिवलिंग मिलने से यह गांव लोगों के कौतूहल का केंद्र बना हुआ है। कण-कण शंकर की किंवदंती यूं तो काशी में व्याप्त है, लेकिन गांव में हो रही खुदाई से मिल रहे अवशेष व शिवलिंग इस अवधारणा को पुष्ट कर रहे हैं।

विज्ञापन


खुदाई स्थल से महज 20 फीट की दूरी पर बने शिवलिंग और उसकी स्थिति को देखकर पुरातत्वविदों को यहां काफी संख्या में शिव मंदिर या बड़ा उपासना केंद्र होने के संकेत मिले हैं। बीएचयू के आर्कियोलोजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीण कहते हैं कि करीब 200 वर्ष पूर्व कुएं की खुदाई के दौरान यहां शिवलिंग मिला था।
विज्ञापन


जिसके बाद ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण करवा दिया। उन्होंने बताया कि यहां बड़े उपासना स्थल होने की उम्मीद इसलिए भी है क्योंकि मंदिर में शिवलिंग तो है, लेकिन नंदी की प्रतिमा नहीं है। जबकि सामान्य तौर पर शिवलिंग के सामने नंदी की प्रतिमा होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Dug well to quench thirst, run across Shivling
बभनियाव के ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

ऐसे मिला शिवलिंग

गांव के बांसदेव मौर्य और राजापुर के श्यामनारायण समेत कई ग्रामीणों ने शिव मंदिर के निर्माण के बारे में बताया कि पहले यहां काफी दूर तक घने जंगल थे। अलग-अलग वजहों से यहां आने वाले लोग मार्ग भटक गए और यहीं बस गए। भूख लगी तो फल-फूल खाकर गुजारा कर लिया। लेकिन पीने के लिए पानी का इंतजाम नहीं था। इसके लिए लोग कुआं खोदने लगे। करीब छह फीट की खुदाई के बाद यहां शिवलिंग दिखा। इसके बाद लोगों ने खुदाई बंद कर यहां मंदिर निर्माण कर पूजा-पाठ करना शुरू कर दिया।

एक ओर शिवलिंग, पर नहीं हैं नंदी

सोमवार को बीएचयू की पुरातत्व विभाग की टीम खुदाई में जुटी रही। ग्रामीणों में भूगर्भ से निकल रहे अवेशष को देखने और समझने का कौतूहल साफ दिख रहा है। आसपास के गांवों से आए ग्रामीणों ने बताया कि आज भी किसी निर्माण के लिए खुदाई या खेती करते हैं तो शिवलिंग व पुरातात्विक अवशेष मिलते रहते हैं। इस मंदिर से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक और शिव मंदिर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed