वाराणसी: पीएमओ तक पहुंचा दवाओं के दाम बढ़ने का मामला, मेडिकल- सेल्स रिप्रेंजेटेटिव एसोसिएशन ने भेजा पत्र
यूपी एमएसआरए ने वाराणसी के जिलाधिकारी कार्यालय को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। जीवनरक्षक दवाओं के दाम 10 फीसदी बढ़ाने के फैसले को रद्द करने की मांग की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेंजेटेटिव एसोसिएशन(यूपी एमएसआरए) की ओर से दवाओं के दाम बढ़ोत्तरी का फैसला रद करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर दाम में बढ़ोत्तरी का फैसला रद्द करने की मांग की
प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय पर सोमवार को दोपहर में जनरल कौंसिल मेम्बर मनोज शर्मा न साथियों के साथ पहुंचकर ज्ञापन दिया। कहा कि सरकार घरेलू उत्पाद का पांच प्रतिशत स्वास्थ्य सेवा के लिए आवंटित करे और जीवन रक्षक दवाओं का दाम 10 फीसदी बढ़ाने का फैसला रद्द करें।
कॉर्पोरेट भ्रष्टाचार को रोकने के लिए बने कड़े नियम
सचिव अनुपम सिंह ने कहा कि आठ सौ दवा जिसमें एचआईवी, एंटीसेप्टिक, ,एंटीफंगल, एंटीबायोटिक, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, हृदय रोग, कैंसर, किडनी रोग इत्त्यादी बहुत सारी दवाओं के दाम बढ़े है। जनरल काउंसिल मेम्बर रजनीश कान्त पाठक ने सरकार से स्वास्थ्य क्षेत्र एवं दवा क्षेत्र में कॉर्पोरेट भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कड़े नियम बनाने की मांग की।
सम्पूर्णानंद पांडेय ने कहा कि कोरोना काल में ये देखने को मिला कि वैक्सीन प्लांट बहुत कम है। इसलिए वैक्सीन उत्पादक इकाईयों को अधिक से अधिक बनाने और जो बंद प्लांट है उन्हें सरकार पुनर्जिवित करने की जरूरत है। इस दौरान अभिषेक कुमार सिंह,नीरज राय,शैलेश मिश्रा,अखिलेश, धीरेंद्र, आशुतोष राय,धीरज, संदीप,रूपेश, आनंद सिंह आदि लोग मौजूद रहे।