फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Dress code implemented as a trial for priests and archakas in Kashi Vishwanath Dham

Varanasi : काशी विश्वनाथ धाम के गर्भगृह में पुजारी और अर्चकों के लिए ड्रेस कोड लागू , अभी ट्रायल के तौर पर

Sat, 28 Oct 2023 05:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 28 Oct 2023 05:13 AM IST
सार

धोती-कुर्ता और साड़ी में पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं को ही गर्भगृह में प्रवेश व पूजा-अर्चना की अनुमति मिलेगी।

विज्ञापन
Dress code implemented as a trial for priests and archakas in Kashi Vishwanath Dham
श्री काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्री काशी विश्वनाथ धाम के गर्भगृह में प्रवेश और पूजा-अर्चना के लिए ड्रेस कोड लागू होगा। इसका खाका न्यास बोर्ड ने तैयार कर लिया है। धोती-कुर्ता और साड़ी में पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं को ही गर्भगृह में प्रवेश व पूजा-अर्चना की अनुमति मिलेगी।

विज्ञापन


जींस और दूसरे कपड़े पहनकर आने पर झांकी दर्शन की अनुमति दी जाएगी। दूसरी तरफ मंदिर के अर्चक, शास्त्री और सहायक पुजारियों की पहचान भी ड्रेस कोड से होगी। ट्रायल के तौर पर शुक्रवार को मंदिर न्यास ने पुजारियों के साथ ही सहायकों के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया है।
विज्ञापन


श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि गर्भगृह में रहने वाले पुजारी अभी केवल धोती पहनते हैं। उनके लिए जाड़े में चादर और गर्मी में दुपट्टा दिया जाएगा। इस पर न्यास का लोगो होगा, जो कि उनकी पहचान बताएगा। ऐसे ही मंदिर के अर्चक, शास्त्री और सहायक पुजारियों के लिए भी धोती कुर्ता के साथ ही अलग-अलग लोगो निर्धारित किया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मंदिर न्यास द्वारिकाधीश मंदिर के बाद श्रद्धालुओं के लिए नया ड्रेस कोड लागू करने पर विचार कर रहा है। गर्भगृह में पूजन करने वालों के लिए धोती कुर्ता और महिलाओं के लिए साड़ी अनिवार्य रहेगी। इस प्रस्ताव को न्यास की अगली बैठक में रखा जाएगा। बाबा विश्वनाथ के धाम में आने वाले श्रद्धालु सामान्य कपड़े पहनकर आएं और धाम की आध्यात्मिकता का पूरा ख्याल रखें। मंदिर आने वालों के लिए कपड़े ऐसे हों, जिनका किसी भी तरह का दुष्प्रभाव ना पड़े। आधुनिकता के दौर में जो भी वस्त्र पहनें, वह सभ्य हो।


पुजारी और अर्चकों के लिए ड्रेस कोड पर न्यास की मुहर लग चुकी है। सामान्य श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड का कोई प्रावधान नहीं है। इसका प्रस्ताव न्यास बोर्ड में नहीं आया था। 
- कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed