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ददरी मेला: डॉ. राहत इंदौरी की शायरी ने बूढ़ों को भी दिलाया जवानी का एहसास
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
Updated Sun, 09 Dec 2018 03:24 PM IST
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भारतेंदु कला मंच पर मुशायरा में मशहूर शायर राहत इंदौरी
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के बलिया में चल रहे ददरी मेले में शनिवार की शाम मशहूर शायर डॉ. राहत इंदौरी ने खूब रंग जमाया। अपनी शेरो शायरी से उन्होंने बूढों को भी जवानी का अहसास कराया। 'मेरे हुजरे में नहीं कहीं और रख दो/ आसमां लाए हो/ लाओ जमीं पर रख दो/, अब कहां ढूंढने जाओगे हमारे कातिल/ आप कत्ल का इल्जाम हमीं पे रख दो...। से जब डॉ. राहत इंदौरी ने शुरुआत की तो श्रोता झूम उठे।
ददरी मेला के भारतेंदु कला मंच पर नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित मुशायरे में राहत इंदौरी के साथ देश के मशहूर शायरों ने ऐसा समा बांधा कि पंडाल में मौजूद लोगों ने पूरी रात शायरी का आनंद लिया। आज की शाम कुमार विश्वास की प्रस्तुति होगी। ‘अंगारों को फूल बनाया जाएगा, ये नारा मकबूल बनाया जाएगा। बाद में होगी मंदिर-मस्जिद की तामीर, सबसे पहले स्कूल बनाया जाएगा।’ म
शहूर शायर राहत इंदौरी ने अपने इस कलाम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुशायरे की शुरुआत समीर गाजीपुरी की शायरी से हुई, उन्होंने कहा- ‘दिल से तकंचुर और तअस्सुब निकाल दे, इंसानियत अजीम है इंसान बनके देख।’
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शायरों द्वारा कार्यक्रम में यूं तो कई नगमे सुनाए गए, किंतु जब महिला शायर मुमताज नसीम की शायरी ‘तुझे इसकी कोई खबर नहीं, ये तेरे सकून की बात है। मेरी जिंदगी का सवाल है, तेरे एक फोन की बात है।’
ददरी मेला के भारतेंदु कला मंच पर नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित मुशायरे में राहत इंदौरी के साथ देश के मशहूर शायरों ने ऐसा समा बांधा कि पंडाल में मौजूद लोगों ने पूरी रात शायरी का आनंद लिया। आज की शाम कुमार विश्वास की प्रस्तुति होगी। ‘अंगारों को फूल बनाया जाएगा, ये नारा मकबूल बनाया जाएगा। बाद में होगी मंदिर-मस्जिद की तामीर, सबसे पहले स्कूल बनाया जाएगा।’ म
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शहूर शायर राहत इंदौरी ने अपने इस कलाम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुशायरे की शुरुआत समीर गाजीपुरी की शायरी से हुई, उन्होंने कहा- ‘दिल से तकंचुर और तअस्सुब निकाल दे, इंसानियत अजीम है इंसान बनके देख।’
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शायरों द्वारा कार्यक्रम में यूं तो कई नगमे सुनाए गए, किंतु जब महिला शायर मुमताज नसीम की शायरी ‘तुझे इसकी कोई खबर नहीं, ये तेरे सकून की बात है। मेरी जिंदगी का सवाल है, तेरे एक फोन की बात है।’
इसके साथ ही तबरेज हाशमी, साहिल दौलती, अरुण पांडेय, हाशिम फिरोजाबादी, सबा बलरामपुरी और जौहर कानपुरी ने अपनी शानदार प्रस्तुति से भारतेंदु मंच की शोभा में चार चांद लगा दिए। अंत में मंच पर राहत इंदौरी ने माइक थामा और अपनी जानदार प्रस्तुति से श्रोताओं की जमकर वाहवाही बटोरी।
शायरों ने देश के बदलते परिवेश, महिला सुरक्षा, हिंदू-मुस्लिम एकता और देश में वर्तमान हालातों पर भी कटाक्ष किया। कार्यक्रम के दौरान हास्य व्यंग्य का भी चटकारा लगता रहा, जिससे श्रोताओं का रोमांच ढलती शाम के साथ और बढ़ता रहा। ठंड के बावजूद अधिकारी और नपा कर्मचारियों के साथ पुलिस के जवान और श्रोता पूरी रात भारतेंदु कला मंच के पास डेरा जमकर कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। मुशायरा की अध्यक्षता राहत इंदौरी और संचालन समीर गाजीपुरी ने किया।
शायरों ने देश के बदलते परिवेश, महिला सुरक्षा, हिंदू-मुस्लिम एकता और देश में वर्तमान हालातों पर भी कटाक्ष किया। कार्यक्रम के दौरान हास्य व्यंग्य का भी चटकारा लगता रहा, जिससे श्रोताओं का रोमांच ढलती शाम के साथ और बढ़ता रहा। ठंड के बावजूद अधिकारी और नपा कर्मचारियों के साथ पुलिस के जवान और श्रोता पूरी रात भारतेंदु कला मंच के पास डेरा जमकर कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। मुशायरा की अध्यक्षता राहत इंदौरी और संचालन समीर गाजीपुरी ने किया।
आज जलवा बिखेरेंगे कुमार विश्वास
ददरी मेले के ऐतिहासिक भारतेंदु मंच पर लोकप्रिय, हर दिल अजीज सदाबहार कवि कुमार विश्वास समेत कई नामचीन कवि रविवार को अपना जलवा बिखेरने पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम की सारी तैयारी नगर पालिका तथा जिला प्रशासन की तरफ से पूरी कर ली गई है। ददरी मेले में वैसे तो हर साल अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन होता है, लेकिन इस बार का कवि सम्मेलन इसलिए खास है, क्योंकि इस बार लोकप्रिय कवि कुमार विश्वास आ रहे हैं। इसके अलावा भी कई नामचीन कवि कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।