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वायलिन की धुन ने किया श्रोताओं को झंकृत
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Sat, 07 Feb 2015 01:35 AM IST
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वाराणसी। प्रख्यात वायलिन वादक डा. एन राजम की बंदिशाें की सीरीज पर तैयार डीवीडी का विमोचन शुक्रवार को बीएचयू के ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में किया गया। डीवीडी के विमोचन के बाद डा. राजम ने अपने वायलिन वादन से श्रोताओं को झंकृत भी किया।
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र नई दिल्ली, संगीत एवं मंच कला संकाय बीएचयू और कला प्रकाश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पंडित छन्नूलाल मिश्र, केंद्र के डा. कमलेश दत्त त्रिपाठी, सदस्य सचिव दीपाली खन्ना ने संयुक्त रूप से शास्त्रीय संगीत के बंदिशों और रागों पर तैयार डा. एन राजम की डीवीडी का विमोचन किया।
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ध्रुपद, खयाल, तराना, ठुमरी, भजन, अभंग जैसी बंदिशों और रागों को इस डीवीडी के माध्यम से डा. राजम ने अपने वायलिन वादन में पिरोया है। इसके विमोचन के बाद डा. राजम ने वायलिन वादन की प्रस्तुति भी दी जिसमें उन्होंने राग यमन में आलाप जोड़ झाला बजाया।
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इसके बाद वाराणसी दादरा बजाकर श्रोताओं को विभोर कर दिया। तबले पर पंडित कुबेर नाथ मिश्र ने संगत किया। विमोचन कार्यक्रम के पूर्व ‘भारतीय शास्त्रीय संगीत में पारंपरिक बंदिशों का महत्व’ विषयक संगोष्ठी भी हुई।
इसमें संगीत एवं मंच कला संकाय की प्रमुख प्रो. लिपिकादास गुप्ता, पंडित वीरेंद्र नाथ मिश्र, पंडित देवाशीष डे और डा. संगीत पांडेय ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर कला प्रकाश के अध्यक्ष अशोक कपूर, कार्यक्रम निदेशक मंगलम स्वामीनाथन, गायिका मीता पंडित, डा. विश्वनाथ पांडेय आदि मौजूद रहे।