डॉ. फिरोज नियुक्ति प्रकरण: विरोध और समर्थन में बीच का रास्ता निकालने की कोशिश
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बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर चल रहे विरोध को देखते हुए डैमेज कंट्रोल की कोशिश भी शुरू हो गई है। फिरोज ने आयुर्वेद संकाय के संहिता विभाग में भी असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया है और इसका साक्षात्कार भी 29 नवंबर को होना है।
शार्ट लिस्ट वाली सूची में भी फिरोज का नाम सबसे उपर है। ऐसे में माना जा रहा है कि फिरोज आयुर्वेद संकाय में जा सकते हैं। विश्वविद्यालय की व्यवस्था से जुड़े लोग इस प्रयास में लगे हैं कि अगर फिरोज की नियुक्ति आयुर्वेद संकाय में हो जाती है तो एसवीडीवी के छात्रों का गुस्सा कम हो जाएगा। इस बारे में बीएचयू के पीआरओ डा. राजेश सिंह का कहना है कि नियमानुसार कोई भी व्यक्ति अपनी योग्यता के अनुसार कहीं भी आवेदन कर सकता है।
बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर तैनात डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर चल रहा धरना खत्म होने के बाद अब सभी को विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम का इंतजार है। कारण, डॉ. फिरोज के एसवीडीवी में आने और क्लास लेने आदि को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई है। उधर, नियुक्ति को लेकर विरोध और समर्थन दोनों जारी हैं।
एसवीडीवी के साहित्य विभाग में पांच नवंबर को साक्षात्कार और छह को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद से डॉ. फिरोज का विरोध चल रहा था। सोलहवें दिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों का धरना समाप्त करने में सफल रहा, लेकिन डॉ. फिरोज के विभाग आने के बारे में कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। सूत्रों के अनुसार, वह बीएचयू के एक बड़े अधिकारी के साथ ही नियुक्ति की मानीटरिंग करने वाले विभाग के एक कर्मचारी के संपर्क में हैं। उधर, शनिवार को संकाय प्रमुख, साहित्य विभाग के अध्यक्ष और शिक्षक परीक्षा की तैयारी में लगे रहे।
विभागीय परीक्षा समिति में डॉ. फिरोज का नाम शामिल नहीं
एसवीडीवी में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयनित डॉ. फिरोज का नाम विभागीय परीक्षा समिति में शामिल नहीं है। इसका कारण नए शिक्षकों को समिति में शामिल नहीं किए जाने के प्रावधान को बताया गया है। वहीं, नियुक्ति के बाद से वह अब तक विभाग में नहीं गए है और उनकी संकाय प्रमुख और विभागाध्यक्ष से भी मुलाकात नहीं हो पाई है। बताते चलें कि दो दिसंबर से सेमेस्टर परीक्षा होनी है।
बीएचयू से निकाला जुलूस, पीएम को भेजा ज्ञापन
एसवीडीवी में डॉ. फिरोज की नियुक्ति के विरोध में छात्रों ने शनिवार को संकाय से जुलूस निकालकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा और जांच की मांग की। शनिवार को छात्र नारेबाजी करते हुए रविंद्रपुरी स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय के लिए निकले। पद्मश्री चौराहे के पास पहले से मौजूद पुलिस के एक अधिकारी ने उन्हें रोक लिया। इसे लेकर कुछ देर तक पुलिस और छात्रों के बीच नोंकझोंक भी हुई। थोड़ी देर बाद अधिकारियों ने छात्रों से पीएम को संबोधित ज्ञापन लिया और फिर उसे संसदीय कार्यालय में रिसीव कराया गया। ज्ञापन में छात्रों ने एसवीडीवी में डॉ. फिरोज की नियुक्ति को महामना के आदर्शों के विपरीत बताते हुए इस पर कार्रवाई की मांग की।
एसवीडीवी में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा भी बढ़ाई जाएगी
एसवीडीवी में डॉ. फिरोज के आने का विरोध करने के छात्रों के एलान के बाद बीएचयू प्रशासन सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गया है। माना जा रहा है कि सोमवार से संकाय की सुरक्षा बढ़ाए जाने के साथ ही यहां सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाने की तैयारी चल रही है, ताकि किसी प्रकार की घटना के बारे में सही जानकारी मिल सके। संकाय में पहले की तुलना में सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
फिरोज के न पढ़ाने तक जारी रहेगा आंदोलन
डॉ. फिरोज खान के समर्थन में शनिवार को ज्वाइंट एक्शन कमेटी की ओर से सिंह द्वार से अस्सी तक मार्च निकाला गया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने डॉ. फिरोज से जल्द संकाय में पढ़ाई शुरू कराने की मांग की है। कहा कि जब तक फिरोज बीएचयू आकर छात्रों को पढ़ाना शुरू नहीं कर देंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही डॉ. फिरोज के सुरक्षा की मांग भी विश्वविद्यालय प्रशासन से की। इस दौरान कुंवर सुरेश सिंह, विकास सिंह, मनीष शर्मा, समर्थ सिंह पटेल, गोवर्धन सिंह, रामायण, गौरव, राज अभिषेक आदि मौजूद रहे।