कला संकाय के संस्कृत विभाग की मेरिट में भी डॉ. फिरोज का नाम
बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति का मामला दिन प्रतिदिन रोचक होता जा रहा है। धर्म विज्ञान संकाय के बाद आयुर्वेद संकाय में शुक्रवार को जहां साक्षात्कार होना है, जिसमें मेरिट सूची में फिरोज पहले नंबर पर है। वहीं कला संकाय के संस्कृत विभाग की जारी मेरिट सूची में भी डॉ. खान का नाम आने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मेरिट सूची में चयनित 39 अभ्यर्थियों में फिरोज 85 स्कोर के साथ 11वें नंबर पर हैं।
कला संकाय के संस्कृत विभाग में ओबीसी के तीन और एसटी के एक पद के लिए चार दिसंबर को साक्षात्कार होना है। इसके लिए बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय की ओर से जो मेरिट सूची जारी की गई है, उसमें ओबीसी पद के लिए आए 180 आवेदनों में से 39 का नाम मेरिट सूची में है, जबकि बाकी 141 मेरिट से बाहर हो गए हैं। हालांकि फिरोज ने पहले से ही संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के साथ ही आयुर्वेद संकाय और कला संकाय के संस्कृत विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन किया था।
इसमें धर्म विज्ञान संकाय में पांच नवंबर को साक्षात्कार के बाद उनकी नियुक्ति हो गई है और विश्वविद्यालय में उन्होंने ज्वाइनिंग भी दे दी है। इस बीच आयुर्वेद संकाय के संहिता और संस्कृत विभाग के लिए शुक्रवार को सुबह सात बजे साक्षात्कार होना है। इसमें फिरोज के शामिल होने को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
उधर पूछे जाने पर बीएचयू के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह का कहना है कि यह अभ्यर्थी का खुद का निर्णय होता है कि वह क्या करे क्या न करे। इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अब चार दिसंबर को होने वाले संस्कृत विभाग की मेरिट सूची भी जारी हो गई है। ऐसे में सभी की निगाहें आयुर्वेद संकाय और संस्कृत विभाग में होने वाले साक्षात्कार पर टिकी हैं।
अयोध्या में संतों के पास पहुंचे छात्र
संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्रों का नियुक्ति के विरोध में आंदोलन जारी है। स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन के साथ ही एक प्रतिनिधिमंडल अयोध्या में संतों से मिलने पहुंचा है। यहां स्वामी राघवाचार्य की अध्यक्षता में मंदिर के महंत और 30 संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के साथ हुई बैठक में इस प्रकरण की जानकारी छात्रों ने दी। इस बारे में आंदोलन से जुड़े आनंद मोहन ने बताया कि संतों के साथ बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति पर चर्चा की गई।
महामना का रूप धारणकर भिक्षाटन पर निकले छात्र
संकाय में डॉ. फिरोज की नियुक्ति के विरोध में धरना-प्रदर्शन के साथ ही छात्र मांग पूरी न होने पर कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए बृहस्पतिवार को महामना का रूप धारणकर छात्रों ने बीएचयू सिंह द्वार से भिक्षाटन शुरू किया। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए छात्र मेडिकल स्टोर सहित अन्य दुकानदारों, आमजन के पास पहुंचे और आंदोलन में सहयोग मांगा। छात्र शशिकांत मिश्र ने बताया कि महामना ने भिक्षा मांगकर ही इस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। उन्हीं मूल्याें की रक्षा के लिए अब समय आ गया है, जब छात्रों को भिक्षाटन कर लड़ाई लड़नी होगी। चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
वीसी लॉज से एलडी गेस्ट हाउस तक रास्ता खुला
बीएचयू परिसर में वीसी लॉज के पास से एलडी गेस्ट हाउस चौराहे का जो रास्ता बंद था, वह अब खुल गया है। इस वजह से छात्र-छात्राओं के साथ ही इधर से आने जाने वालों को सहूलियत हो रही है।
हिंदू जनजागृति समिति ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल को भेजा पत्र
हिंदू जनजागृति समिति के पदाधिकारियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसके माध्यम से संकाय में डॉ. फिरोज की नियुक्ति को निरस्त करने के साथ ही इसे नियम विरुद्ध बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की मांग की है। समिति के उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य समन्वयक विश्वनाथ कुलकर्णी ने बताया कि डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति संस्कृत विद्या, धर्म विज्ञान संकाय में की गई है। ‘संस्कृत भाषा अथवा साहित्य’ और ‘संस्कृत विद्या व धार्मिक विज्ञान’ ये अलग-अलग शाखाएं हैं । इसका ख्याल रखना चाहिए था। ज्ञापन के माध्यम से पिछले दिनों बीएचयू में क्लास से वीर सावरकर की तस्वीर उतारकर स्याही फेंकने वालों पर कार्रवाई, शिक्षकों की नियुक्ति में नियमों का पालन करने की मांग की गई है।