धर्म विज्ञान संकाय से वापस लौटी डॉ. फिरोज की डाक, संकाय में नहीं रिसीव हो सकी मेरठ से आई किताब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति तो हो गई है। उन्होंने केंद्रीय कार्यालय में ज्वाइन भी कर लिया है। विभाग में कब आएंगे, कक्षाएं लेंगे कि नहीं। इस बारे में विभाग में भी किसी को पता नहीं है। इस बीच मंगलवार को डॉ. फिरोज के नाम से आई डाक को भी वापस लौटा दिया गया। किसी ने मेरठ से दो किताबें डॉ. फिरोज के नाम पर भेजी थी।
संकाय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर तैनाती के लिए डॉ. फिरोज खान ने पांच नवंबर को साक्षात्कार दिया था। छह को नियुक्ति पत्र मिला और सात को उन्होंने केंद्रीय कार्यालय में ज्वाइन कर लिया था। नियुक्ति के बाद से अब तक वह विभाग नहीं पहुंचे हैं। मंगलवार को दोपहर करीब दो बजे असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान के नाम से आईं दो किताबों को लेकर पोस्टमैन संकाय पहुंचा।
ये किताबें 23 नवंबर को मेरठ से डिस्पैच की गई थी। साहित्य विभाग जाने पर जब कुछ जानकारी नहीं मिली तो वह संकाय कार्यालय पहुंचा। यहां कार्यालय में भी फिरोज के बारे में कुछ पता नहीं चला तो उसने एक अधिकारी के पास जाकर स्पीड पोस्ट से आई किताब की जानकारी दी। यहां उसे बताया गया कि फिरोज के बारे में कोई जानकारी नहीं है, ऐसे में कोई किताब रिसीव नहीं कर सकता है, लिहाजा डाकिया वापस चला गया।
दिसंबर के दूसरे सप्ताह से हो सकती है परीक्षा
संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में सेमेस्टर परीक्षा दिसंबर के दूसरे सप्ताह से कराई जा सकती है। इसके लिए विभाग में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसके पहले 22 नवंबर को जारी एक आदेश में दो दिसंबर से परीक्षा के प्रस्तावित होने की जानकारी दी गई थी लेकिन अभी जिस तरह से तैयारी चल रही है, उससे माना जा रहा है कि तैयारियां पूरी होने के बाद फाइनल तिथि भी जल्द ही घोषित कर दी जाएगी।
कैंपस की हर गतिविधि पर फिरोज की नजर
फिरोज खान विभाग तो नहीं आ रहे हैं लेकिन विभाग और विश्वविद्यालय और बाहर इस प्रकरण से जुड़ी हर गतिविधि पर उनकी नजर है। कैंपस में धरना-प्रदर्शन, रुद्राभिषेक, सिंह द्वार पर प्रदर्शन की फेसबुक, व्हाटसएप पर तस्वीर और कमेंट को भी वह देख रहे हैं। हालांकि किसी से बातचीत उनकी नहीं हो पा रही है और उन्होंने अपना मोबाइल भी स्विच आफ कर रखा है।
नियुक्ति प्रकरण में शिकायत के साथ आरटीआई का भी सहारा
बीएचयू में चल रही नियुक्तियों में एक के बाद एक विभाग के अभ्यर्थी सवाल उठाने लगे हैं। इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री को ई-मेल और पत्र भेजे जाने के साथ ही अभ्यर्थी आरटीआई का सहारा ले रहे हैं। इसमें कोई नियमों की अनदेखी की बात कह रहा है तो किसी ने इंटरव्यू की पारदर्शिता और व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के बाद चल रहे विरोध प्रदर्शन के साथ ही अब विज्ञान और कला संकाय में हुई नियुक्तियों पर भी शिकायत होने लगी है। विज्ञान संकाय, महिला महाविद्यालय के सांख्यिकी विभाग से लेकर दर्शनशास्त्र विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर साक्षात्कार को लेकर अलग-अलग शिकायतें की गई है।
विश्वविद्यालय में सभी नियुक्तियां यूजीसी के नियमानुसार हो रही हैं। इसमें पारदर्शिता पूरी तरह बरती जा रही है। ऐसे में आरोप लगाना निराधार है।
डॉ. राजेश सिंह, पीआरओ , बीएचयू