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छात्रों से न लें बढ़ी हुई फीस, काशी विद्यापीठ और संबद्ध विद्यालयों के लिए आदेश जारी
Wed, 10 Jun 2020 11:42 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Wed, 10 Jun 2020 11:42 PM IST
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ
- फोटो : अमर उजाला।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की ओर फीस वृद्धि का आदेश वापस ले लिया गया है। छात्रों को अब पुरानी फीस ही जमा करनी है। यह आदेश वाराणसी के अलावा सभी संबद्ध महाविद्यालयों के लिए लागू हो चुका है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने स्नातक, परास्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रम के सेमेस्टर शुल्क में बढ़ोत्तरी का आदेश दिया था। इसका विरोध भी काफी हुआ था। अब आदेश वापसी के बाद स्नातक के छात्रों को एक हजार रुपये, परास्नातक के छात्रों को 12 सौ रुपये और व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को 1500 रुपये ही फीस देनी होगी।
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फीस वृद्धि को लेकर छात्रों का विरोध लगातार जारी था। इसको देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। हालांकि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अभी बढ़ा हुआ शुल्क ही नजर आ रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीकी गड़बड़ी है।
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कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य ने बताया कि बढ़े हुए शुल्क को लेकर छात्रों में भ्रम बना हुआ है। विश्वविद्यालय ने बढ़ा हुआ शुल्क वापस लेने का आदेश छह जून को ही जारी कर दिया है। तकनीकी समस्या के कारण विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर बढ़ा हुआ शुल्क दिखा रहा है। छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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