{"_id":"5d6594e88ebc3e93b65d350a","slug":"dlw-varanasi-news-vns4804728162","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगमीकरण के विरोध में मालवीय प्रतिमा के सामने प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगमीकरण के विरोध में मालवीय प्रतिमा के सामने प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। निगमीकरण के प्रयासों के खिलाफ डीरेका बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले डीरेका कर्मियों ने बीएचयू सिंह द्वार के सामने प्रदर्शन किया। कारखाना के पूर्वी गेट पर सैकड़ों कर्मचारी एकत्रित होकर लंका स्थित मालवीय प्रतिमा पहुंचे। हाथों में काले झंडे व निगमीकरण के विरोध में जोरदार नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
बीएचयू की छात्र-छात्राओं ने संयुक्त संघर्ष समिति का समर्थन किया। निगमीकरण के विरोध संबंधी पत्रक को काशी की जनता तथा छात्रों को दिखाया व निगमीकरण के दुष्परिणाम की जानकारी दी। वक्ताआें ने कहा कि यह बेरोजगारी बढ़ाने वाला कदम है। संयुक्त सचिव वीडी दुबे ने कहा कि निगमीकरण से आने वाले भविष्य में रोजगार के अवसर कम होंगे और अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। सदस्य कर्मचारी परिषद प्रदीप यादव ने कहा कि एक तरफ राष्ट्र प्रेम की बात होती है और दूसरी तरफ राष्ट्रीय संपत्ति को बेचने का काम सरकार कर रही है। कार्यक्रम में डीरेका बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक, ऐपवा की प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा, वीके सिंह, छात्र रवींद्र भारती, अर्चना बौद्ध, प्रो. निहार भट्टाचार्य, बीएचयू आईआईटी से वंदना, इप्शिता, आइसा से राजेश, अनुपम, विक्रम, डॉ. शिव शंकर शास्त्री, डीरेका से राजेंद्र पाल, कृष्ण मोहन तिवारी, प्रदीप यादव, रंगबहादुर, अमित कुमार, राकेश पांडेय, सरदार सिंह, रूप सिंह मीणा, हरिशंकर यादव उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बीएचयू की छात्र-छात्राओं ने संयुक्त संघर्ष समिति का समर्थन किया। निगमीकरण के विरोध संबंधी पत्रक को काशी की जनता तथा छात्रों को दिखाया व निगमीकरण के दुष्परिणाम की जानकारी दी। वक्ताआें ने कहा कि यह बेरोजगारी बढ़ाने वाला कदम है। संयुक्त सचिव वीडी दुबे ने कहा कि निगमीकरण से आने वाले भविष्य में रोजगार के अवसर कम होंगे और अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। सदस्य कर्मचारी परिषद प्रदीप यादव ने कहा कि एक तरफ राष्ट्र प्रेम की बात होती है और दूसरी तरफ राष्ट्रीय संपत्ति को बेचने का काम सरकार कर रही है। कार्यक्रम में डीरेका बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक, ऐपवा की प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा, वीके सिंह, छात्र रवींद्र भारती, अर्चना बौद्ध, प्रो. निहार भट्टाचार्य, बीएचयू आईआईटी से वंदना, इप्शिता, आइसा से राजेश, अनुपम, विक्रम, डॉ. शिव शंकर शास्त्री, डीरेका से राजेंद्र पाल, कृष्ण मोहन तिवारी, प्रदीप यादव, रंगबहादुर, अमित कुमार, राकेश पांडेय, सरदार सिंह, रूप सिंह मीणा, हरिशंकर यादव उपस्थित रहे।
विज्ञापन