दीपावली को बेहद खास और शुभदायी मनाएगा ये मुहुर्त, धनतेरस पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीपावली पर देव, गुरु, बृहस्पति और न्याय के देवता शनि कृपा दृष्टि बरसाएंगे। पुष्य नक्षत्र का योग इस दीपावली को बेहद खास और शुभदायी बनाने जा रहा है। मुहूर्तों का यह योग खरीददारी के लिए शुभ है। पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति और दिशा प्रतिनिधि शनिदेव हैं। बृहस्पति जहां शुभता, बुद्धिमता देते हैं, वहीं शनिदेव स्थायित्व के प्रतीक हैं। दोनों का संयोग पुष्य नक्षत्र को चिर स्थायी और समृद्धि कारक बना रहा है। धनतेरस पर सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण इस दिन खरीदारी और पूजन का महत्व बढ़ गया है।
वेद पारायण केंद्र के आचार्य अशोक द्विवेदी के अनुसार, पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहते हैं। पुष्य को समृद्धि दायक और शुभ फल प्रदान करने वाला नक्षत्र बताया गया है। महंगी वस्तुओं की खरीददारी इस नक्षत्र में फलदायी होती है। गाड़ी, मकान, दुकान, सोना, चांदी, हीरा की खरीद की जा सकती है।
माना जाता है कि इस दिन सोना खरीदने से समृद्धि आती है। इस नक्षत्र की खरीदारी अक्षय रहेगी। दीपावली से पहले 21 से 27 अक्तूबर के मध्य सात दिन खरीद करने के लिए बेहद शुभ हैं। ज्योतिषीय गणना से यह समृद्धि कारक संयोग लेकर आ रहे हैं।
आचार्य वीरेंद्र तिवारी का कहना है कि 21 अक्तूबर को सोम पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग बना रहा है। वहीं 22 अक्तूबर को मंगल पुष्य नक्षत्र का संयोग मिल रहा है। दीपावली के पहले पुष्य नक्षत्र में की गई हर तरह की खरीददारी अक्षय फल प्रदान करेगी।
23 घंटे सात मिनट पुष्य नक्षत्र का है मान
आचार्य दीपक मालवीय के अनुसार, पुष्य नक्षत्र 23 घंटे सात मिनट रहेगा। 21 को सोमवार रहने से सोम पुष्य और 22 को मंगलवार रहने से भौम पुष्य का संयोग बनेगा। सोमवार को सोना, चांदी, बर्तन, वाहन आदि की खरीदारी अधिक मंगलकारी होगी, जबकि मंगलवार को भौम पुष्य नक्षत्र होने से मकान, दुकान, जमीन और स्थायी संपत्ति की खरीदारी अधिक हितकारी मानी गई है। पुष्य नक्षत्र की शुरुआत 21 अक्तूबर को शाम 5:31 बजे से होगी जो अगले दिन 22 को शाम 4:38 बजे तक रहेगा।
22 अक्तूबर को सुबह 10:55 बजे तक साध्य और इसके बाद शुभ योग लग जाएगा। ज्योतिषाचार्य पं. अतुल मालवीय के अनुसार, पुष्य नक्षत्र 21 अक्तूबर शाम 5:33 से 22 अक्तूबर शाम 4:40 बजे तक है। इस नक्षत्र में गाड़ी, मकान, दुकान, सोना, बर्तन की खरीदारी शुभ रहेगी। 22 अक्तूबर को भूमि, मकान, धातु की खरीद का श्रेष्ठ समय है। मंगल जमीन, भवन की खरीद के लिए भी शुभ माना जाता है। व्यापारी इस दिन बहीखाता, कलम, दवात और पंचांग आदि खरीदें।
धनतेरस पर सोने की खरीदारी शुभ
आचार्य दीपक मालवीय के अनुसार, 25 अक्तूबर शुक्रवार को त्रयोदशी सुबह 7:08 बजे शुरू होगी और 26 अक्तूबर शनिवार दोपहर 3:47 बजे तक रहेगी। धनतेरस के दिन बर्तन व अन्य कई तरह की चीजें खरीदने की परंपरा और मान्यता है। इस दिन सोने की खरीदारी सबसे शुभ मानी जाती है। धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर और यमदेव की पूजा का विशेष महत्व है। पूजन का शुभ मुुहूर्त शाम 7:08 बजे से रात 8:14 बजे तक है।
धनतेरस का शुभ मुहूर्त
शाम 7:10 से 8:15 तक
अवधि 1 घंटे 5 मिनट
प्रदोष काल शाम 5:42 से 8:15 बजे तक
किस दिन क्या खरीदें
तारीख योग शुभ वस्तु
18 अक्तूबर रोहिणी नक्षत्र हीरा या हीरे से बने आभूषण
19 अक्तूबर रवि योग इलेक्ट्रॉनिक सामान, वाहन
20 अक्तूबर रवि योग, त्रिपुष्कर योग खाद्य सामग्री, सजावटी सामान
21 अक्तूबर सोम पुष्य सर्वार्थ सिद्धि चांदी के बर्तन
22 अक्तूबर मंगल पुष्य, सर्वार्थ सिद्धि जमीन, मकान
25 अक्तूबर धनतेरस सर्वार्थ सिद्धि बर्तन समेत सभी सामान
27 अक्तूबर दीपावली सोना-चांदी, सिक्के, लक्ष्मी प्रतिमा