फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Discussion on the second edition of Jayatu Jayatu Lankesh, release of the remaining words

Varanasi News: जयतु जयतु लंकेश के दूसरे संस्करण पर चर्चा, शब्दों में शेष का विमोचन

Sat, 04 Apr 2026 02:14 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 02:14 AM IST
विज्ञापन
Discussion on the second edition of Jayatu Jayatu Lankesh, release of the remaining words
वाराणसी। जिले के अर्दली बाजार स्थित राजकीय पुस्तकालय में शुक्रवार को जयतु जयतु लंकेश के दूसरे संस्करण पर साहित्यिक परिचर्चा हुई। इस दौरान शब्दों में शेष पुस्तक का विमोचन भी हुआ। राजकीय पुस्तकालय में लेखक एवं शिक्षाविद डॉ. अंबिका प्रसाद गौड़ की रचित पुस्तक जयतु जयतु लंकेश पर परिचर्चा हुई। डॉ. राम सुधार सिंह ने कहा कि रामकथा को समझने के लिए जयतु जयतु लंकेश का अध्ययन आवश्यक है। डॉ. अत्रि भारद्वाज ने कहा कि रावण अत्यंत विद्वान होने के बावजूद भी अपने अहंकार के कारण अपयश के भागीदार बने। प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि मनुष्य का अहंकार ही उसके पतन का कारण बनता है। डॉ. देवेंद्र कुमार सिंह ने भी विचार रखे। इसमें दिवंगत अभियंता महेश कुशवाहा की कृति शब्दों में शेष का उनके सुपुत्र भरत कुशवाहा व उपस्थित विद्वानों ने विमोचन किया। वक्ताओं ने डॉ. अंबिका प्रसाद गौड़ के पौराणिक-ऐतिहासिक विमर्श और भाषा-शैली की सराहना की। पुस्तक का प्रकाशन सर्व भाषा ट्रस्ट ने किया है। संचालन अरुण कुमार मिश्र ने किया। इस अवसर पर सुरेश कुशवाहा, शुभम पांडेय, वर्षा गुप्ता, प्रियम तिवारी, शैलेंद्र कुमार और शुभम दुबे मौजूद रहे। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed