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बनारस में होने जा अनूठा प्रयोग, शहर के यातायात की बैसाखी बनेंगे दिव्यांग
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 01 Feb 2018 02:12 PM IST
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नौ फरवरी से पांच चौराहों पर सीटी और लाउड हेलर लेकर संभालेंगे यातायात व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी शहर की ध्वस्त यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने का काम अब दिव्यांग करेंगे। इसके तहत आगामी नौ फरवरी से लंका स्थित मालवीय चौराहा, गोदौलिया चौराहा, गिरजाघर चौराहा, सिगरा चौराहा और मैदागिन चौराहा पर चार-चार दिव्यांगों को ट्रैफिक ब्रिगेड के यूनिफार्म में सीटी और लाउड हेलर के साथ तैनात किया जाएगा।
यह अनूठा प्रयोग करने वाले यातायात पुलिस के क्षेत्राधिकारी राकेश नायक का कहना है कि आगामी एक महीने में से इस मुहिम से दो सौ से ज्यादा दिव्यांगों को जोड़ कर पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया जाएगा।
शहर में जगह-जगह रोजाना सुबह से देर शात तक जाम लगा रहता है। इसके पीछे की ठोस वजह यह है कि चौराहों और तिराहों पर तैनात सिपाही मुस्तैदी से ड्यूटी करने की बजाय इधर-उधर के काम में व्यस्त रहते हैं। सीओ ट्रैफिक राकेश नायक ने बताया कि कानपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने 200 दिव्यांगोें की मदद से शहर की यातायात व्यवस्था को काफी हद तक पटरी पर ला दिया था।
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इसी अनुभव से उन्होंने सोचा कि क्यों न इसे बनारस में भी आजमाया जाए। कार्ययोजना तैयार कर अधिकारियों के सामने प्रस्तुत की और इसके बाद कानपुर के अपने दिव्यांग मित्रों से बातचीत की तो वो बनारस आने के लिए सहर्ष तैयार हो गए।
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यह अनूठा प्रयोग करने वाले यातायात पुलिस के क्षेत्राधिकारी राकेश नायक का कहना है कि आगामी एक महीने में से इस मुहिम से दो सौ से ज्यादा दिव्यांगों को जोड़ कर पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया जाएगा।
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शहर में जगह-जगह रोजाना सुबह से देर शात तक जाम लगा रहता है। इसके पीछे की ठोस वजह यह है कि चौराहों और तिराहों पर तैनात सिपाही मुस्तैदी से ड्यूटी करने की बजाय इधर-उधर के काम में व्यस्त रहते हैं। सीओ ट्रैफिक राकेश नायक ने बताया कि कानपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने 200 दिव्यांगोें की मदद से शहर की यातायात व्यवस्था को काफी हद तक पटरी पर ला दिया था।
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इसी अनुभव से उन्होंने सोचा कि क्यों न इसे बनारस में भी आजमाया जाए। कार्ययोजना तैयार कर अधिकारियों के सामने प्रस्तुत की और इसके बाद कानपुर के अपने दिव्यांग मित्रों से बातचीत की तो वो बनारस आने के लिए सहर्ष तैयार हो गए।
...तो बंद होगी अवैध वसूली
traffic police
- फोटो : File Photo
बताया कि कानपुर से आ रहे 20 दिव्यांग शहर के अन्य दिव्यांगों को पुलिस की मदद करने के लिए प्रेरित करेंगे। इस काम के लिए गैर सरकारी संगठनों की मदद से प्रत्येक दिव्यांग को दो हजार रुपये महीना और भोजन के साथ ही रहने की सुविधा दी जाएगी।
सीओ ट्रैफिक राकेश नायक ने कहा कि दिव्यांग जब चौराहों पर खड़े होकर यातायात व्यवस्था में सहयोग करेंगे तो अवैध वसूली बंद होंगी। ऊपर से जब वो दिव्यांग होकर यातायात व्यवस्था संभालेंगे तो पुलिसकर्मी भी चौराहे और तिराहे छोड़कर इधर-उधर नहीं व्यस्त होंगे। जो कोई भी यातायात नियमोें को तोड़ता नजर आएगा उसे दिव्यांग लाउड हेलर से आगाह करेंगे। ना मानने पर संबंधित का चालान ट्रैफिक पुलिस करेगी।
सीओ ट्रैफिक ने कहा कि उनकी इस मुहिम का उद्देश्य दिव्यांगों केे भीतर आत्मविश्वास जगाकर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ना है। इसके साथ ही आमजन को आइना दिखाना है कि देखिए दिव्यांग यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में लगे हैं और आप शारीरिक रूप से सक्षम होकर भी अच्छे नागरिक की जिम्मेदारी निभाने से कतरा रहे हैं।
सीओ ट्रैफिक राकेश नायक ने कहा कि दिव्यांग जब चौराहों पर खड़े होकर यातायात व्यवस्था में सहयोग करेंगे तो अवैध वसूली बंद होंगी। ऊपर से जब वो दिव्यांग होकर यातायात व्यवस्था संभालेंगे तो पुलिसकर्मी भी चौराहे और तिराहे छोड़कर इधर-उधर नहीं व्यस्त होंगे। जो कोई भी यातायात नियमोें को तोड़ता नजर आएगा उसे दिव्यांग लाउड हेलर से आगाह करेंगे। ना मानने पर संबंधित का चालान ट्रैफिक पुलिस करेगी।
सीओ ट्रैफिक ने कहा कि उनकी इस मुहिम का उद्देश्य दिव्यांगों केे भीतर आत्मविश्वास जगाकर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ना है। इसके साथ ही आमजन को आइना दिखाना है कि देखिए दिव्यांग यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में लगे हैं और आप शारीरिक रूप से सक्षम होकर भी अच्छे नागरिक की जिम्मेदारी निभाने से कतरा रहे हैं।