हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाटों पर फैली गंदगी और पीपीई किट, कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा
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वाराणसी में नगर निगम की ओर से घाटों की सफाई के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। खासकर हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए आने वाले शवों के अंतिम संस्कार की सामग्री इधर-उधर फैली पड़ी है।
समय रहते घाटों पर फैली गंदगी नहीं हटाई गई तो संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। हरिश्चंद्र घाट के आसपास कुछ पीपीई किट भी इधर-उधर फेंके पड़े थे। भेलूपुर के विनोद यादव ने बताया कि उनके चाचा का निधन हो गया था। अंतिम संस्कार के लिए हरिश्चंद्र घाट पर गए थे। लेकिन घाट पर इधर-उधर गंदगी पड़ी थी।
कई जगहों पर पीपीई किट फेंकी पड़ी थी। क्षेत्र के पार्षद राजेश यादव चल्लू ने बताया कि क्षेत्र में तीन से चार बार सफाई हो रही है। सैनिटाइजेशन भी हो रहा है। लेकिन शव लाने वालों की संख्या चौबीसों घंटे है और कर्मचारी निर्धारित समय पर साफ-सफाई सैनिटाइजेशन करके चले जाते हैं। रात के समय थोड़ी दिक्कत हो रही है। लेकिन सुबह तुरंत उसे साफ कराया जा रहा है।
प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामसकल यादव ने बताया कि तीन से चार बार हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट की सफाई कराई जा रही है। इस दौरान जो भी गंदगी वहां मिलती है। उसे हटाया जा रहा है। रात में सफाई करने के बाद सफाई कर्मचारी चले जाते हैं।