शासन ने स्वीकृत किए एक करोड़ रुपये: संपूर्णानंद विश्वविद्यालय में बनेगा संस्कृत का डिजिटल स्टूडियो
संपूर्णानंद विश्वविद्यालय में संस्कृत का डिजिटल स्टूडियो तैयार किया जाएगा। इसमें बाहर से आने वाले विषय विशेषज्ञों व विद्वानों के व्याख्यानों की ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग की जाएगी।
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वाराणसी स्थित संपूर्णानंद विश्वविद्यालय में संस्कृत का डिजिटल स्टूडियो तैयार किया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन प्रशिक्षण भी मिलेगा। इसके तहत ज्योतिष, कर्मकांड, वास्तुशास्त्र, पौरोहित्य एवं योग पाठ्यक्रम का संचालन किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग के सहयोग से शासन ने संस्कृत विकास एवं प्रशिक्षण के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत किया है।
कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि डिजिटल स्टूडियो में बाहर से आने वाले विषय विशेषज्ञों व विद्वानों के व्याख्यानों की ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग की जाएगी। वक्तव्यों पर ज्ञानवर्धक व रोचक कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे, जो वेबसाइट के माध्यम से छात्रों तक पहुंचाए जाएंगे।
आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से भी सहयोग
व्याख्यानों की सीडी अन्य संस्थानों को शोध में उपयोग के लिए भी उपलब्ध कराई जाएगी। विद्वतजनों के व्याख्यानों के प्रसार के लिए आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से भी सहयोग लिया जाएगा, इसके माध्यम से सभी वर्ग के लोग लाभान्वित होंगे।
घर बैठे ऑनलाइन मिलेगा प्रशिक्षण
कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि समाज के हर वर्ग को घर बैठे ऑनलाइन सरल संस्कृत माध्यम से ज्योतिष शास्त्र, कर्मकांड, वास्तुशास्त्र, पौरोहित्य एवं संस्कृत प्रशिक्षण के तीन माह, छह माह एवं एक वर्ष का पाठ्यक्रम (प्रमाणपत्रीय एवं डिप्लोमा) संचालित किया जाएगा। इसके लिए समिति गठित कर पाठ्यक्रम एवं स्टूडियो का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।