Varanasi: लाखों की 'हेराफेरी' में बर्खास्त 7 पुलिस कर्मियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, भेजे जा सकते हैं जेल
वाराणसी स्थित गुजरात की एक फर्म के कार्यालय से 1.40 करोड़ रुपये की डकैती मामले में दोष उजागर होने के बाद एक इंस्पेक्टर सहित सात पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। अब उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
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वाराणसी के बैजनत्था क्षेत्र की आदि शंकराचार्य कॉलोनी स्थित गुजरात के फर्म के कार्यालय में 1.40 करोड़ रुपये की डकैती के मामले में बर्खास्त किए गए भेलूपुर थाने के पूर्व थानाध्यक्ष रमाकांत दुबे सहित सात पुलिस कर्मियों की मुश्किलें आने वाले दिनों में अभी और बढ़ेंगी। पुलिस के अनुसार, भेलूपुर थाने में दर्ज डकैती के मुकदमे में बर्खास्त पुलिसकर्मी आरोपी बनाकर जेल भेजे जा सकते हैं।
गिरफ्तारी से बचने के लिए सातों पुलिस कर्मी कानून के जानकारों से संपर्क साधने में जुटे हुए हैं। वहीं, गुजरात की जिस फर्म की ओर से दावा किया गया था कि 1.40 करोड़ रुपये उसके कार्यालय से लूटे गए हैं, उसके मालिक और स्टाफ से पुलिस और आयकर विभाग जल्द ही अलग से विस्तार पूछताछ करने की तैयारी में है।
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बर्खास्त पुलिस कर्मियों को लेकर महकमे मेंजबरदस्त चर्चा रही। पुलिस कर्मियों का ही कहना था कि पैसे की गिनती सीसी कैमरे के सामने हुई थी। जितनी बरामदगी दिखाई गई है, पैसा उससे कहीं ज्यादा था। हिस्से में मिलने वाले पैसे को लेकर असंतुष्ट एक दरोगा ने एक अफसर से पूरे प्रकरण के बारे में चर्चा कर दी।
जितने की लूट बताई गई, पैसा उससे दोगुना ज्यादा
डकैती के आरोपियों से सांठ-गांठ का दोष उजागर हुआ तो सात पुलिस कर्मी बर्खास्त कर दिए गए। इसके बावजूद इस प्रकरण में पुलिस कर्मियों के बीच ही तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस कर्मियों का ही कहना है कि उस अफसर को पूरे प्रकरण की जानकारी थी। जितने की लूट बताई गई, पैसा उससे दोगुना ज्यादा था। कहा जा रहा है कि तगड़ी रकम को लेकर जो खेल हुआ है, उससे संबंधित आरोपियों की बातचीत की ऑडियो क्लिप भी है। उन ऑडियो क्लिप में यह स्पष्ट है कि वास्तविकता में पैसा कितना था और उसका क्या हुआ। उन ऑडियो क्लिप को जल्द ही वाराणसी से लगायत लखनऊ बैठने वाले पुलिस महकमे के शीर्ष अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने का दावा भी किया जा रहा है।
29 मई की रात हुई थी लूट
गुजरात के पाटन जिले के मकवाना निवासी विक्रम सिंह की तहरीर के आधार पर बीते चार जून की देर रात भेलूपुर थाने में सारनाथ क्षेत्र के तिलमापुर निवासी अजीत मिश्रा और 12 अज्ञात असलहाधारियों के खिलाफ डकैती सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था। विक्रम सिंह के अनुसार, 29 मई की रात उनके कार्यालय में आकर अजीत मिश्रा अपने सहयोगियों के साथ एक करोड़ 40 लाख रुपये लूट लिया था।
उसके कार्यालय से लूटी गई नकदी में से 92.94 लाख रुपये 31 मई को खोजवा क्षेत्र के शंकुलधारा पोखरे के समीप खड़ी एक लावारिस कार से बरामद हुए थे। इस मामले में आरोपियों से मिलीभगत और आपराधिक दुरभिसंधि का दोष साबित होने पर तत्कालीन भेलूपुर थानाध्यक्ष सहित सात पुलिस कर्मियों को शनिवार को बर्खास्त कर दिया गया। विभागीय कार्रवाई के बाद बर्खास्त किए गए पुलिस कर्मियों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी गई है।