{"_id":"63272e4c9d78bf09bd20ad9b","slug":"dharmadesh-in-delhi-on-7-october-saints-from-all-india-discuss-about-kashi-gyanvapi-and-mathura-dispute","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सात अक्तूबर को धर्मादेश: ज्ञानवापी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति पर होगी चर्चा, देश भर के संत होंगे शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात अक्तूबर को धर्मादेश: ज्ञानवापी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति पर होगी चर्चा, देश भर के संत होंगे शामिल
Sun, 18 Sep 2022 08:12 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 18 Sep 2022 08:12 PM IST
सार
अखिल भारतीय संत समिति और काशी विद्वत परिषद के संयोजन में सात अक्तूबर को दिल्ली में धर्मादेश का आयोजन किया जाएगा। इसमें देशभर के सभी संप्रदायों के आचार्य, अखाड़ों के श्रीमहंत सभापति, महंत और महामंडलेश्वर शामिल होंगे।
विज्ञापन
ज्ञानवापी मस्जिद और काशी विश्वनाथ मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अखिल भारतीय संत समिति की ओर से धर्मादेश का आयोजन किया जाएगा। सात अक्तूबर को दिल्ली में आयोजित धर्मादेश में देशभर के सभी संप्रदायों के आचार्य, अखाड़ों के श्रीमहंत सभापति, महंत और महामंडलेश्वर शामिल होंगे। सनातन धर्म से जुड़े 12 प्रमुख बिंदुओं पर धर्मादेश में संत समाज चर्चा करेगा। इसमें प्रमुख रूप से ज्ञानवापी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा की मुक्ति पर चर्चा होगी।
विज्ञापन
अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविचल दास महाराज ने विशेष बातचीत में बताया कि हिंदू मंदिरों की हिंदू समाज के हाथों में वापसी बेहद जरूरी है। इसके लिए लिए संत समाज को एकजुट होना होगा। राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि धर्मादेश में 12 मुद्दों पर संत समाज चर्चा करेगा। इसमें ज्ञानवापी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा प्रमुख है।
विज्ञापन
लव जिहाद को रोकने समेत इन बिंदुओं पर होगी चर्चा
इसके अलावा चर्च और वक्फ बोर्डों को अंग्रेजी सरकार के समय लीज पर दी गई भूमि की लीज पूरी होने पर सरकार को वापस मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया, फिल्म सेंसर बोर्ड की जगह सनातन सेंसर बोर्ड, हिंदू धार्मिक प्रतीक चिह्नों के दुरुपयोग पर रोक लगाने, लव जिहाद को रोकने के लिए संसद में हिंदू पहचान संरक्षण अधिनियम पारित कराने, युगानुकूल हिंदू आचार संहिता को मान्यता, धर्मांतरण रोकने और घर वापसी की रफ्तार को तेज करने पर चर्चा होगी।
विज्ञापन
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती
- फोटो : सोशल मीडिया।
साथ ही देश भर के जीर्ण मंदिरों के जीर्णोद्धार, पुजारियों की नियुक्ति और पुजारी-कर्मकांड प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना पर भी चर्चा होगी। आयोजन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और श्री काशी विद्वत परिषद की भी सहभागिता रहेगी।