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2018 में हटाई गई धनंजय सिंह की वाई श्रेणी की सुरक्षा, बजरंगी की हत्या की साजिश का आरोप लगा

Mon, 11 May 2020 01:39 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Mon, 11 May 2020 01:39 PM IST
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Dhananjay Singh Y-class security removed in 2018 accused of conspiring to kill Bajrangi
पूर्व सांसद धनंजय सिंह। - फोटो : अमर उजाला।

सांसद और विधायक न होने के बाद भी ऊंची पहुंच के कारण धनंजय सिंह को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी। 2018 में उनकी सरकारी सुरक्षा के खिलाफ दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि 24 से ज्यादा आपराधिक मामले वाले नेता की सुरक्षा में सरकारी अमला क्यों लगा हुआ है...?

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इसके साथ ही अदालत ने यह भी कहा था कि पूर्व सांसद को पुलिस सुरक्षा मिलने के बाद भी उन पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। मई 2018 में प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी वकील ने अदालत को बताया था कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने धनंजय सिंह को मिली वाई श्रेणी की सुरक्षा हटा ली है। उधर, नौ जुलाई 2018 को बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई।
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मुन्ना की पत्नी सीमा सिंह ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह, रिटायर्ड डिप्टी एसपी जेएन सिंह, प्रदीप सिंह उर्फ पीके, महराज सिंह और विकास उर्फ राजा पर पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की। बागपत पुलिस ने जांच के बाद कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात बदमाश सुनील राठी के अलावा बजरंगी की हत्या में अन्य किसी की संलिप्तता से संबंधित साक्ष्य नहीं मिला है।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीते मार्च महीने से सीबीआई की लखनऊ की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की तफ्तीश अभी जारी है। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद नवंबर 2018 में लखनऊ की जानकीपुरम कोतवाली में भारतीय किसान यूनियन (अवध गुट) के नेता राजू गुप्ता ने धनंजय के खिलाफ 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।

राजू का आरोप था कि आगरा एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए किसानों की जमीन ली गई थी। बाबुओं की मिलीभगत से किसानों के मुआवजे में बड़े स्तर पर बंदरबांट की गई। इस भ्रष्टाचार को लेकर वह आंदोलन कर रहे हैं तो पूर्व सांसद धनंजय सिंह के नाम से फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई।
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