{"_id":"6206be2296789223524b577e","slug":"devotees-will-be-able-to-visit-shiva-court-from-mahashivratri-varanasi-news-vns6381635143","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाशिवरात्रि से भक्त कर सकेंगे शिव कचहरी के दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महाशिवरात्रि से भक्त कर सकेंगे शिव कचहरी के दर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबा विश्वनाथ के धाम में आने वाले शिव भक्तों को जल्द ही शिव कचहरी के दर्शन भी होंगे। धाम में स्थापित हो रही मंदिरों की शृंखला के तहत शिव कचहरी को भी पुन:स्थापित किया जा रहा है। महाशिवरात्रि से पहले शिव कचहरी (शिव सभा) बनकर तैयार हो जाएगी। बाबा की भव्य कचहरी धाम चौक के बायीं तरफ बनाई जा रही है।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में दूसरे चरण का काम तेजी से चल रहा है। गंगा द्वार के निर्माण के साथ ही धाम क्षेत्र के मंदिरों को भी स्थापित किया जा रहा है। शिव भक्त बाबा के दर्शन के बाद सीधे शिव सभा के भी दर्शन कर सकेंगे। शिव कचहरी के निर्माण के लिए महंत परिवार के सदस्य राजू पाठक, कमल मिश्रा, रमेश गिरि ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा से मुलाकात की थी। सीईओ ने जल्द निर्माण पूरी कराने की बात कही थी। पुराने कचहरी में विभिन्न स्वरूपों में 108 शिवलिंग, पांचों पांडव, काशी के छप्पन विनायक में पांच विनायक, कपिल मुनि की इकलौती प्रतिमा विराजमान थी। सभी मूर्तियां सुरक्षित रखी गई हैं। नए शिव कचहरी का निर्माण पूर्ण होते ही सभी विग्रह और शिवलिंग को वैदिक पूजन के साथ पुन: विराजमान कराया जाएगा।
यह है मान्यता
मंदिर के महंत बच्चा पाठक और नील कुमार मिश्रा ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में शिव कचहरी से जुड़ी कई मान्यताएं हैं। जो लोग मुकदमे में फंस जाते हैं वो लोग इस कचहरी में अपनी फरियाद करते हैं। इससे उनके पक्ष में फैसला आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्री काशी विश्वनाथ धाम में दूसरे चरण का काम तेजी से चल रहा है। गंगा द्वार के निर्माण के साथ ही धाम क्षेत्र के मंदिरों को भी स्थापित किया जा रहा है। शिव भक्त बाबा के दर्शन के बाद सीधे शिव सभा के भी दर्शन कर सकेंगे। शिव कचहरी के निर्माण के लिए महंत परिवार के सदस्य राजू पाठक, कमल मिश्रा, रमेश गिरि ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा से मुलाकात की थी। सीईओ ने जल्द निर्माण पूरी कराने की बात कही थी। पुराने कचहरी में विभिन्न स्वरूपों में 108 शिवलिंग, पांचों पांडव, काशी के छप्पन विनायक में पांच विनायक, कपिल मुनि की इकलौती प्रतिमा विराजमान थी। सभी मूर्तियां सुरक्षित रखी गई हैं। नए शिव कचहरी का निर्माण पूर्ण होते ही सभी विग्रह और शिवलिंग को वैदिक पूजन के साथ पुन: विराजमान कराया जाएगा।
विज्ञापन
यह है मान्यता
मंदिर के महंत बच्चा पाठक और नील कुमार मिश्रा ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में शिव कचहरी से जुड़ी कई मान्यताएं हैं। जो लोग मुकदमे में फंस जाते हैं वो लोग इस कचहरी में अपनी फरियाद करते हैं। इससे उनके पक्ष में फैसला आता है।
विज्ञापन