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वाराणसीः भगवान जगन्नाथ की चौखट पर पहुंचे भक्त, पीतांबरी स्वरूप में मिला दर्शन

Mon, 12 Jul 2021 11:26 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Mon, 12 Jul 2021 11:26 PM IST
सार

काशी में रथयात्रा मेले के सांकेतिक आयोजन शुरू हो गए। भक्त भी नाथों के नाथ भगवान जगन्नाथ की चौखट पर माथा टेकने पहुंचे। कोरोना संक्रमण के कारण भगवान भक्तों के बीच नहीं पहुंचे, लेकिन भक्त अपने भगवान के द्वार पहुंच गए।

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Devotees reached the doorstep of Lord Jagannath, got darshan in Pitambari form in varanasi
वाराणसी में रासमंडल स्थित जग्गनाथ मंदिर में रथयात्रा निकालने के पूर्व आरती करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी में रथयात्रा मेले के सांकेतिक आयोजन शुरू हो गए। भक्त भी नाथों के नाथ भगवान जगन्नाथ की चौखट पर माथा टेकने पहुंचे। कोरोना संक्रमण के कारण भगवान भक्तों के बीच नहीं पहुंचे, लेकिन भक्त अपने भगवान के द्वार पहुंच गए। कोरोना संक्रमण के कारण काशी के लक्खा मेले में शुमार रथयात्रा का मेला नहीं सजने के कारण काशीवासियों में निराशा है। 

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सोमवार को रथयात्रा महमूरगंज मार्ग पर वाहनों का शोर सुनाई दिया। रथयात्रा मेला नहीं सजने के कारण भक्तों की भीड़ और मेले का बाजार नहीं सजा। 219 सालों के इतिहास में लगातार दूसरा मौका था जब संक्रमण के कारण रथयात्रा मेला नहीं सज सका। रथयात्रा मेले के सभी विधान अस्सी स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में निभाए गए।
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आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को भगवान जगन्नाथ भक्तों को दर्शन देने के लिए रथ पर सवार होकर निकलते हैं। प्रात: मंदिर के पुजारी राधेश्याम पाण्डेय ने भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र को पीतांबरी धारण कराकर विविध फूलों से शृंगार किया। इसके बाद पूड़ी, सब्जी, हलुआ व मौसमी फलों का भोग लगाकर भव्य आरती की। भगवान के दर्शन पूजन करने के लिए सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था जो शयन आरती तक जारी रहा। 
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दुकानदारों को हुई निराशा, दर्शनार्थी परेशान

नानखटाई की दुकानें लगाने वाले दुकानदारों को सबसे ज्यादा निराशा हाथ लगी है। नानखटाई के विक्रेता राजेश, आशीष, रत्नेश का कहना है कि मेले में नानखटाई की खूब बिक्री होती थी लेकिन इस बार तो पूरा बाजार ही गायब है। भगवान जगन्नाथ का दर्शन करने पहुंचे भक्तों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी। मंदिर में जाने वाले रास्ते पर ताला बंद होने से भक्तों को घूम कर जगन्नाथ गली से होकर दर्शन पूजन करने के लिए जाना पड़ा। इससे भक्तों को काफी परेशानी हुई। 

भगवान जगन्नाथ की हुई पुरुष सूक्त से स्तुति

अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर में कुटुंब प्रबोधन काशी प्रांत के धार्मिक अनुष्ठान पौरोहित्य संस्कार आयाम विभाग के तत्वावधान में वैदिक विद्वानों द्वारा सोमवार को पुरुष सूक्त से प्रभु की स्तुति की गई। पं. के. वेंकटरमण घनपाठी ने बताया कि इस दौरान अखिल भारतीय गौ सेवा प्रमुख अजीत प्रसाद महापात्रा, डॉ. शुकदेव त्रिपाठी, राजेंद्र पांडेय, पं. संतोष दातार, पं. कृष्ण मुरारी त्रिपाठी, श्रीनिवास, हिमांशु मिश्रा उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने किया सोशल डिस्टेंसिंग का पालन

सेवापुरी ब्लॉक के ठटरा गांव में सोमवार को रथ यात्रा के मेले का आयोजन किया गया। हनुमान मंदिर पर मेले के दौरान ग्रामीणों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मेले का आयोजन किया। मंदिर से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई। वहीं, कोरोना काल के चलते रथयात्रा मेला इस बार पिंडरा बाजार में नहीं लगा।

कोविड गाइड लाइन के आधार पर केवल कुछ लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के बीच भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा निकाली गई। वहीं, राजातालाब में प्रसिद्ध रथयात्रा मेला लगातार दूसरे साल भी नहीं लगा। मेला न लगने से स्थानीय लोग उदास दिखे। जहां एक तरफ भगवान जगन्नाथ के दर्शन न कर पाने वाले श्रद्धालु और भक्तजन मायूस दिखे वहीं दुकानदार भी परेशान नजर आए।

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