श्री काशी विश्वनाथ धाम: गंगा स्नान कर सीधे बाबा के दरबार में पहुंचे श्रद्धालु, माघी पूर्णिमा पर खुल गया गंगा प्रवेशद्वार
श्री काशी विश्वनाथ धाम का गंगा द्वार माघी पूर्णिमा पर बुधवार सुबह आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर बाबा दरबार का रुख किया। मंदिर प्रशासन के अनुसार गंगाद्वार से लगभग 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
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वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं ने माघी पूर्णिमा पर गंगा स्नान कर गंगाधर का दर्शन किया। धाम के लोकार्पण के बाद शिवभक्तों का इंतजार बुधवार को समाप्त हो गया। पीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में काशी विश्वनाथ दरबार से गंगा के बीच की दूरियां भी खत्म हो गईं। माघ पूर्णिमा पर जब श्रद्धालु पहली बार गंगा द्वार से बाबा दरबार पहुंचे तो उनके चेहरे खिल उठे।
बुधवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम का गंगा द्वार सुबह छह बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। माघी पूर्णिमा का दिन होने के कारण श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर बाबा दरबार का रुख किया। मंदिर प्रशासन के अनुसार गंगाद्वार से लगभग 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
माघ पूर्णिमा पर शिव भक्त अस्सी व राजघाट सहित अन्य घाटों से नाव के जरिए तो कुछ पैदल ही ललिता घाट पहुंचे। श्रद्धालुओं ने जलासेन घाट पर बनी सीढ़ियों के जरिए काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश किया। श्रद्धालु मंदिर चौक से सरस्वती फाटक पहुंचे और यहां सुरक्षा जांच के बाद मंदिर परिसर में प्रवेश दिया गया।
दर्शन हुआ आसान, खिले श्रद्धालुओं के चेहरे
वाराणसी में गंगा द्वार से बाबा दरबार में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे। रीवा से दर्शन करने आए नवीन तिवारी ने बताया कि पहले भी कई बार आ चुका हूं लेकिन कॉरिडोर बन जाने से सुविधाएं बढ़ गई हैं। पहले लाइन में कई घंटों तक खड़ा रहना पड़ता था, लेकिन अब दर्शन करना आसान हो गया है। वहीं बलिया से आए विरेंद्र ने बताया कि ललिता घाट की तरफ से रास्ता बन जाने से बिना भीड़भाड़ के मंदिर पहुंचना आसान हो गया है।