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नवरात्र की पंचमी तिथि पर पूजन के लिए लगी भक्तों की कतार
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नवरात्र की पंचमी तिथि पर पंचम गौरी विशालाक्षी देवी और स्कंदमाता का पूजन हुआ। कोरोना संक्रमण के दो साल बाद चैत्र नवरात्र में माता का दरबार भक्तों से गुलजार हुआ और माता का दरबार जयकारों से गूंजता रहा। बुधवार को मंदिर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला सुबह से शुरू हुआ और देर रात तक जारी रहा। मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
मीरघाट स्थित विशालाक्षी गौरी के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। भोर में माता के विग्रह की विधि-विधान से स्नान, पूजन और शृंगार के बाद पुजारी ने आरती उतारी। मंगला आरती के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए माता के मंदिर का कपाट खोल दिया गया। माता के जयकारे लगाते हुए भक्तों ने मां के श्रीचरणों में शीश नवाया।
वहीं जैतपुरा स्थित मां दुर्गा के पंचम स्वरूप के रुप में विराजित मां बागेश्वरी देवी का पूजन किया गया। माता के स्वरूपों का विधि विधान से पुजारी परिवार ने षोडशोपचार पूजन संपन्न कराया। दर्शन, पूजन और आरती के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाया और विधि-विधान से माता का पूजन किया।
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मीरघाट स्थित विशालाक्षी गौरी के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। भोर में माता के विग्रह की विधि-विधान से स्नान, पूजन और शृंगार के बाद पुजारी ने आरती उतारी। मंगला आरती के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए माता के मंदिर का कपाट खोल दिया गया। माता के जयकारे लगाते हुए भक्तों ने मां के श्रीचरणों में शीश नवाया।
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वहीं जैतपुरा स्थित मां दुर्गा के पंचम स्वरूप के रुप में विराजित मां बागेश्वरी देवी का पूजन किया गया। माता के स्वरूपों का विधि विधान से पुजारी परिवार ने षोडशोपचार पूजन संपन्न कराया। दर्शन, पूजन और आरती के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाया और विधि-विधान से माता का पूजन किया।
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