Sawan 2026: महादेव की नगरी में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल से आएंगे यजमान, सावन शुरू होते ही शिवमय होगी काशी
Varanasi News: वाराणसी में सावन भर शिवालयों में उत्सव जैसा माहौल रहेगा। देश- विदेश से भी श्रद्धालु काशी पहुंचेंगे। अमेरिका, सिंगापुर, दुबई, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल तक के शिवभक्त शिवालयों में अनुष्ठान करेंगे।
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सावन में देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में श्रीकाशी विश्वनाथ का अभिषेक व पूजन कर महाकृपा पाने के लिए विभिन्न प्रांतों के अलावा विदेशों से भी शिवभक्त काशी आ रहे हैं। अमेरिका, सिंगापुर, दुबई, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल तक के शिवभक्त यहां अनुष्ठान करेंगे। इसके साथ ही पूर्वांचल के अलावा मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड आदि राज्यों से वैदिक ब्राह्मण भी काशी आ रहे हैं। सावन 30 जुलाई से शुरू हो रहा।
शिवभक्तों को सावन का इंतजार रहता है। सावन भर शिवालयों में उत्सव जैसा माहौल रहेगा। यहां श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, महामृत्युंजय महादेव, मार्कंडेय महादेव, गौरी केदारेश्वर, तिलभांडेश्वर, ओंकालेश्वर, शूलटंकेश्वर, रामेश्वर महादेव सहित अन्य शिवालयों में जलाभिषेक के लिए भीड़ होगी। सावन में सोमवार के व्रत के साथ ही रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जप आदि अनुष्ठान के लिए भीड़ होगी।
ज्यादातर श्रद्धालु इन अनुष्ठानों को कराने के लिए काशी आते हैं, ताकि भगवान शिव की कृपा पा सकें। वे इस मास में शिव की आराधना करेंगे। आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल से पांच-पांच परिवार आएंगे, जो जलाभिषेक व महारुद्राभिषेक कराएंगे। साथ ही कथा का श्रवण करेंगे।
वृंदावन, अयोध्या, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, बलिया आदि जिलों के अलावा मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल आदि राज्यों से वैदिक ब्राह्मणों को अनुष्ठान के लिए बुलाया जा रहा है। काशी से भी कुछ वैदिक ब्राह्मण मध्यप्रदेश के अमरकंटक, महाराष्ट्र आदि राज्यों में जा रहे हैं।
शिवालयों में तैयारी, यजमान कर रहे संपर्क
सावन को देखते हुए शिवालयों में तैयारी शुरू हो गई है। प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग शुरू हो गई है। पूजन-अर्चन, रुद्राभिषेक की व्यवस्था की जा रही है। पूजन सामग्रियों की बुकिंग शुरू हो गई है। साथ ही वैदिक ब्राह्मणों के यजमान उनसे अनुष्ठान की तारीख तय करने में लगे हैं। सावन मास में भगवान शिव की महिमागान के लिए श्रीशिव महापुराण, श्रीविष्णु पुराण, श्रीमद्भागवत, मानस कथा होगी। विभिन्न संस्थाएं आयोजन करेंगी। मारवाड़ी समाज की ओर से 17 अगस्त से होने वाले सप्ताहभर श्रीमद्भागवत कथा प्रख्यात भागवत मर्मज्ञ श्रीकांत बालव्यास काशी प्रवचन करेंगे।
जलाभिषेक से लेकर घरों में होंगे मंत्रों के जप
सावनभर शिवालयों में विविध अनुष्ठान होंगे। रुद्राभिषेक, महारुद्र, सप्तचंडी यज्ञ, रुद्रचंडी आदि अनुष्ठान होंगे। महामृत्युंजय महामंत्र का जप लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए होगा। नमक-चमक अनुष्ठान शिव जी का एक विशेष और शक्तिशाली रुद्राभिषेक है, इसमें रुद्राष्टाध्यायी के पंचम (नमकम्) और अष्टम (चमकम्) अध्यायों का पाठ होगा। इससे नकारात्मक ऊर्जा हटती है। गृहक्लेश दूर होता है और सुख-समृद्धि आती है। सोमवार के व्रत पर शिव-पार्वती की पूजा, कांवड़ यात्रा पवित्र नदियों से शिवजी का अभिषेक होता है। भक्त घरों में मंत्र ओम नमः शिवाय का लेखन और पाठ करते हैं।