वाराणसी: देव दीपावली पर आसमान छूते दामों में भी फुल हुए होटल के कमरे, मुंह मांगी रकम दे रहे सैलानी
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काशी में देवताओं के धरा पर उतरने का उत्सव देव दीपावली मंगलवार को मनाया जाएगा। हर कोई इस उत्सव में शरीक होना चाहता है। लेकिन शहर के ज्यादातर होटल, गेस्ट हाउस और लॉज-धर्मशाला में रूम खाली नहीं है, वहीं सभी ट्रैवल्स की गाड़ियां भी बुक हो चुकी हैं। नौका विहार करने के लिए सैलानियों को नाव तक नहीं मिल रही है। रविवार को भी कई सैलानी ठिकाने की तलाश में घूमे लेकिन कहीं इंतजाम नहीं हो सका।
आलम यह है कि गेस्ट हाउस में 800 से 1200 रुपये में मिलने वाले रूम इस वक्त 2500 से 3000 तक में बुक हो रहे हैं। सबसे अधिक मांग घाट किनारे के होटल-गेस्ट हाउस की है, लेकिन सभी फुल हो चुके हैं। वाराणसी में होम स्टे भी काफी प्रचलित है, करीब डेढ़ सौ होम स्टे हैं लेकिन एक भी खाली नहीं हैं।
इन इलाकों में मिल जाएगा रूम
हालांकि शहर से दस किमी दूर इलाकों में अब भी होटल के रूम में जगह मिलने की संभावना है, जैसे रामनगर इलाके के होटल गेस्ट हाउस में रूम खाली हैं। हाईवे की ओर बढ़ें तो डाफी से अमरा अखरी के बीच में कई होटल में रूम मिलेंगे। इधर, रामनगर-पड़ाव के बीच अधिकतर होटल के रूम खाली हैं, पड़ाव-मुगलसराय मार्ग स्थित होटलों व गेस्ट हाउस, धर्मशाला और लाज में रूम मिल जाएंगे।
एक नजर, सब हैं बुक
400 छोटे व बड़े होटल है शहर में मिलाकर
500 लगभग हैं गेस्ट हाउस
250 लगभग लाज व धर्मशाला
150 होम स्टे
200 ट्रेवेल्स की 5000 छोटी-बड़ी गाड़ियां
टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि देव दीपावली को लेकर शहर के सभी छोटे-बड़े होटल बुक हो चुके हैं। अधिक पैसा देने पर भी सैलानियों को ठिकाना नहीं मिल पा रहा। उन्हें शहर से दूर इलाकों के होटलों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
नाविक संघ के अध्यक्ष बाबू साहनी ने बताया कि नाव तो सभी बुक हो चुके हैं, बजड़े एक भी खाली नहीं हैं। पांच से आठ हजार में छोटी नाव और 15 से 20 हजार में मोटरबोट बुक हैं। बजड़ा तो ढाई से तीन लाख में बुक हैं।