काशी की देव दीपावली : नौ सेक्टर में 68 मोटरबोट के साथ तैनात हैं 444 जवान, सुरक्षा की अपील; चक्रमण पर रही पुलिस
Varanasi News : वाराणसी में गंगा स्नान करने आए लोगों की सुरक्षा को लेकर भोर से ही सुरक्षाकर्मी घाटों पर तैनात हो गए थे। जल पुलिस बोट पर सवार होकर नदी में चक्रमण कर रही थी। लोगों से सुरक्षा की अपील की जा रही थी।
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देव दीपावली के मद्देनजर घाटों के साथ गंगा में भी सुरक्षा के तगड़े इंतजाम हैं। नमोघाट से सामनेघाट तक गंगा को नौ सेक्टर में बांटकर शुक्रवार को 68 मोटरबोट पर 444 जवान तैनात हैं। गंगा में 11 एनडीआरएफ की एक वॉटर एंबुलेंस तैनात रही। वहीं, 20 मोटरबोट में प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
अस्सी, दशाश्वमेध और राजघाट पर वायरलेस कम्युनिकेशन स्टेशन बनाया गया है। यह पुलिस के कंट्रोल रूम की तरह काम करेगा। गंगा में फोर्स की सारी मोटरबोट एक-दूसरे से वायरलेस सेट से कनेक्ट रहेंगी। प्रयागराज से विशेष रूप से 10 गोताखोर बुलाए गए हैं।
स्थानीय गोताखोरों को भी पुलिस का सहयोग के लिए कहा गया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि कमिश्नरेट के सभी पुलिसकर्मी अतिरिक्त सतर्कता के साथ ड्यूटी करते हुए इस विश्वविख्यात आयोजन को सकुशल संपन्न कराएंगे।
छह घाटों और गंगा उस पार रहेंगे दमकल कर्मी : देव दीपावली के दौरान अस्सी घाट, चेतसिंह घाट, दशाश्वमेध घाट, ललिता घाट, पंचगंगा घाट, नमो घाट और गंगा उस पार रेत की तरफ 50 दमकल कर्मी आग से सुरक्षा के उपकरणों के साथ लैस रहेंगे। इस संबंध में मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि उनकी टीम घाटों पर ही नहीं बल्कि गंगा उस पार रेत पर भी तैनात रहेगी।
नहीं चलेंगी चप्पू वाली नावें
शुक्रवार को गंगा में मछली पकड़ने और चप्पू वाली नावें नहीं चलेंगी। सभी नाव पर यात्रियों की क्षमता लिखने के साथ ही लाइफ जैकेट जैसे जीवन रक्षक उपकरण रखना आवश्यक होगा। किसी नाव पर नाविक या यात्री शराब के नशे में मिले तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल पुलिस ने मांझी समाज से अपील की है कि लेजर लाइट या टॉर्च अपने साथ जरूर रखें। ताकि, आवश्यकता पड़ने पर वह लेजर लाइट या टॉर्च जलाएं तो गंगा में तैनात फोर्स उन तक तत्काल पहुंच सके।
नाव और क्रूज के रूट तय : नाव और क्रूज नमो घाट से घाटों के किनारे होते हुए अस्सी घाट की ओर जाएंगे। वापसी में गंगा के उस पार यानी रेत के किनारे से जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गंगा के बीचोंबीच फ्लोटिंग डिवाइडर लगाया गया है।
कार्तिक माह की पूर्णिमा पर वाराणसी में गंगा स्नान का महाआयोजन हुआ। लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर दान-पुण्य किया। काशी के 84 घाटों पर श्रद्धालु देर रात से ही इकट्ठा होना शुरू हो गए थे।
दशाश्वमेध घाट, पंचगंगा घाट, अस्सी घाट, भैंसासुर घाट सहित अन्य घाटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर दान-पुण्य किया। इस दिन को लेकर मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से बड़े-बड़े यज्ञों के बराबर फल मिलता है।
काशी में यह स्नान कुंभ का भान करा रहा है। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद दीपदान, पूजा और अर्घ्य किया। आस्थावान मंगलगीत गा रहीं थीं।