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Chandauli News: 110 किमी दूर से खींच लाया राफेल का रोमांच, पांच किमी क्षेत्र में पांच लाख लोग जुटे
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पड़ाव के डोमरी में एयर शो देखने उमड़ी भीड़। संवाद
पीडीडीयू नगर/पड़ाव। आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना और रफ्तार का रोमांच देखने के लिए शनिवार को गंगा के इस पार जनसैलाब उमड़ पड़ा। वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित एयर शो का असर डोमरी, बहादुरपुर और कटेसर तक दिखाई दिया। गंगा तट के करीब पांच किलोमीटर के दायरे में बनाए गए दर्शक स्थलों पर करीब पांच लाख से ज्यादा लोग जुटे। सुबह से ही गंगा किनारे लोगों की कतारें लगने लगीं। कई दर्शकों ने किराये की गाड़ी से 60 से 110 किलोमीटर तक की दूरी तय की। राफेल और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों की उड़ान देखने के लिए चंदौली के अलावा आजमगढ़, मऊ, सोनभद्र और बिहार के कैमूर व रोहतास से भी लोग पहुंचे। वाराणसी के राजघाट पुल पर भी यातायात बंद रहा। इससे गंगा पार आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
एयर शो के दूसरे दिन 24 अक्तूबर को पहले दिन यानी 22 अक्तूबर की तुलना में करीब तीन गुना ज्यादा भीड़ जुटने का अनुमान लगाया गया था। यह सही साबित हुआ है। पहले दिन गंगा तट पर बने दर्शक स्थलों में नमो घाट के सामने अवधूत भगवान राम घाट की ओर अपेक्षाकृत अधिक भीड़ थी जबकि दूसरे दिन बहादुरपुर से कटेसर तक पूरे पांच किलोमीटर के क्षेत्र में दर्शकों की मौजूदगी दिखाई दी। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सुबह से ही अपनी जगह सुरक्षित करने में जुटे रहे। आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाज सुनाई देते ही लोगों की निगाहें ऊपर उठ जातीं। मोबाइल कैमरों में विमानों की उड़ान और कलाबाजियों को कैद करने की होड़ लगी रही। एसपी आकाश पटेल ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई है। पहले दिन की तुलना में तीन गुना लोग एयर शो देखने पहुंचे थे।
बिहार से किराये के वाहनों से आए दर्शक
एयर शो का आकर्षण केवल आसपास के गांवों तक सीमित नहीं रहा। दूसरे राज्यों और दूर-दराज के जिलों से भी लोग परिवार और दोस्तों के साथ डोमरी पहुंचे। चंदौली के अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया और सोनभद्र से आए दर्शकों के साथ बिहार के कैमूर और रोहतास जिले के लोग भी शामिल रहे। कई लोगों ने निजी वाहन के बजाय किराये पर कार लेकर आने का फैसला किया, ताकि परिवार के साथ समय से गंगा तट तक पहुंच सकें।
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सुबह आठ बजे बंद कर दिए रास्ते
भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए शनिवार सुबह आठ बजे से पड़ाव चौराहे और गंगा घाट की ओर जाने वाले मार्गों पर आवागमन रोक दिया गया। कई लोग निर्धारित स्थानों तक पहुंचने के लिए पैदल चलते नजर आए, जबकि कुछ को रास्ते में ही वाहन छोड़कर आगे बढ़ना पड़ा। पड़ाव चौराहे पर 140 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई जो पहले दिन की तैनाती से करीब डेढ़ गुना बताई गई।
पांच किलोमीटर तक मेले जैसा नजारा
बहादुरपुर से कटेसर तक गंगा किनारे बने दर्शक स्थलों पर सुबह से ही लोगों का पहुंचना जारी रहा। पहले दिन जहां भीड़ मुख्य रूप से कुछ चुनिंदा स्थानों पर केंद्रित थी, वहीं दूसरे दिन उसका फैलाव बहादुरपुर से कटेसर तक दिखाई दिया। लोगों की भारी मौजूदगी ने दिखाया कि एयर शो का आकर्षण वाराणसी तक सीमित नहीं रहा। चंदौली और आसपास के जिलों के लोगों के लिए भी यह आयोजन लड़ाकू विमानों की उड़ान देखने का दुर्लभ अवसर बन गया। शनिवार को डोमरी और आसपास के गंगा तट पर एयर शो के रोमांच और लोगों की भागीदारी का यही नजारा दिखाई दिया।
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एयर शो के दूसरे दिन 24 अक्तूबर को पहले दिन यानी 22 अक्तूबर की तुलना में करीब तीन गुना ज्यादा भीड़ जुटने का अनुमान लगाया गया था। यह सही साबित हुआ है। पहले दिन गंगा तट पर बने दर्शक स्थलों में नमो घाट के सामने अवधूत भगवान राम घाट की ओर अपेक्षाकृत अधिक भीड़ थी जबकि दूसरे दिन बहादुरपुर से कटेसर तक पूरे पांच किलोमीटर के क्षेत्र में दर्शकों की मौजूदगी दिखाई दी। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सुबह से ही अपनी जगह सुरक्षित करने में जुटे रहे। आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाज सुनाई देते ही लोगों की निगाहें ऊपर उठ जातीं। मोबाइल कैमरों में विमानों की उड़ान और कलाबाजियों को कैद करने की होड़ लगी रही। एसपी आकाश पटेल ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई है। पहले दिन की तुलना में तीन गुना लोग एयर शो देखने पहुंचे थे।
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बिहार से किराये के वाहनों से आए दर्शक
एयर शो का आकर्षण केवल आसपास के गांवों तक सीमित नहीं रहा। दूसरे राज्यों और दूर-दराज के जिलों से भी लोग परिवार और दोस्तों के साथ डोमरी पहुंचे। चंदौली के अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया और सोनभद्र से आए दर्शकों के साथ बिहार के कैमूर और रोहतास जिले के लोग भी शामिल रहे। कई लोगों ने निजी वाहन के बजाय किराये पर कार लेकर आने का फैसला किया, ताकि परिवार के साथ समय से गंगा तट तक पहुंच सकें।
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सुबह आठ बजे बंद कर दिए रास्ते
भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए शनिवार सुबह आठ बजे से पड़ाव चौराहे और गंगा घाट की ओर जाने वाले मार्गों पर आवागमन रोक दिया गया। कई लोग निर्धारित स्थानों तक पहुंचने के लिए पैदल चलते नजर आए, जबकि कुछ को रास्ते में ही वाहन छोड़कर आगे बढ़ना पड़ा। पड़ाव चौराहे पर 140 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई जो पहले दिन की तैनाती से करीब डेढ़ गुना बताई गई।
पांच किलोमीटर तक मेले जैसा नजारा
बहादुरपुर से कटेसर तक गंगा किनारे बने दर्शक स्थलों पर सुबह से ही लोगों का पहुंचना जारी रहा। पहले दिन जहां भीड़ मुख्य रूप से कुछ चुनिंदा स्थानों पर केंद्रित थी, वहीं दूसरे दिन उसका फैलाव बहादुरपुर से कटेसर तक दिखाई दिया। लोगों की भारी मौजूदगी ने दिखाया कि एयर शो का आकर्षण वाराणसी तक सीमित नहीं रहा। चंदौली और आसपास के जिलों के लोगों के लिए भी यह आयोजन लड़ाकू विमानों की उड़ान देखने का दुर्लभ अवसर बन गया। शनिवार को डोमरी और आसपास के गंगा तट पर एयर शो के रोमांच और लोगों की भागीदारी का यही नजारा दिखाई दिया।

पड़ाव के डोमरी में एयर शो देखने उमड़ी भीड़। संवाद

पड़ाव के डोमरी में एयर शो देखने उमड़ी भीड़। संवाद

पड़ाव के डोमरी में एयर शो देखने उमड़ी भीड़। संवाद

पड़ाव के डोमरी में एयर शो देखने उमड़ी भीड़। संवाद

पड़ाव के डोमरी में एयर शो देखने उमड़ी भीड़। संवाद

पड़ाव के डोमरी में एयर शो देखने उमड़ी भीड़। संवाद