फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Destruction of Aravalli is an insult to God's creation, conservation is the only option

Varanasi News: अरावली का विनाश ईश्वर की कृति का अपमान, संरक्षण ही एकमात्र विकल्प

Mon, 22 Dec 2025 12:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 22 Dec 2025 12:08 AM IST
विज्ञापन
Destruction of Aravalli is an insult to God's creation, conservation is the only option
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अरावली बचाओ अभियान को अपना समर्थन दिया है। प्रकृति संरक्षण को सनातन धर्म का मूल बताते हुए इस मुहिम में जुटे समस्त समर्पित सदस्यों के पुरुषार्थ की सराहना की।
विज्ञापन

रविवार को जारी आशीर्वाद संदेश में शंकराचार्य ने कहा कि अरावली पर्वत शृंखला केवल पत्थरों का ढेर नहीं, लेकिन उत्तर भारत की जीवन-रेखा और हमारी प्राचीन सभ्यता की जीवंत साक्षी है। उन्होंने चेतावनी दी कि पर्वतों का अनियंत्रित क्षरण और वनों का कटान सीधे तौर पर प्रकृति और ईश्वर की कृति का अपमान है। शंकराचार्य ने कहा कि हमारे वेदों और पुराणों में वृक्षों और पर्वतों को पुत्र के समान और पूजनीय माना गया है। मत्स्य पुराण का संदर्भ देते हुए बताया कि एक वृक्ष दस पुत्रों के समान पुण्यकारी है। अरावली का विनाश आने वाली पीढ़ियों के लिए भीषण जल संकट और मरुस्थलीकरण का कारण बनेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed