संतों की मांग: काशी विश्वनाथ धाम में हो यूपी सरकार के नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण, दुनिया को दें संदेश
योगी सरकार के पहले कार्यकाल में श्री काशी विश्वनाथ धाम में मंत्रिमंडल की पहली कैबिनेट बैठक की योजना बनी थी लेकिन वह मूर्त रूप नहीं ले सकी थी।
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विधानसभा चुनाव के बाद अब नई सरकार बनाने की कवायद भी शुरू हो गई। देश और काशी के संत समाज ने सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को बनारस में कराने की मांग की है। संतों का कहना है कि प्रदेश सरकार का शपथ ग्रहण समारोह या फिर कैबिनेट की पहली बैठक श्री काशी विश्वनाथ धाम में कराई जाए।
अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने रविवार को कहा कि इस्लाम मानने वालों ने तो इस चुनाव को जिहाद मान लिया था। इसलिए हम संतों का मानना है कि पूरे विश्व को एक अच्छा संदेश देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का शपथ ग्रहण समारोह या फिर कैबिनेट की पहली बैठक श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में होनी चाहिए।
काशी सनातन हिंदू धर्म और भारतवर्ष की सांस्कृतिक राजधानी है। जिस तरह से 80 और 20 का संघर्ष हुआ। इस परिस्थिति में पूरी दुनिया को संदेश देने के लिए बेहतर यही होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार का शपथ ग्रहण समारोह काशी में गंगा के किनारे हो।
'शपथ नहीं तो कम से कम कैबिनेट की पहली बैठक हो'
इसके माध्यम से हम संपूर्ण विश्व को संदेश देना चाहते हैं कि दुनिया में सब कुछ भगवान विश्वनाथ ही संचालित कर रहे हैं। संत समाज का मानना यही है कि उत्तर प्रदेश सरकार का शपथ ग्रहण समारोह या फिर पहली कैबिनेट की बैठक बाबा विश्वनाथ के परिसर से हो। सनातन धर्मावलंबियों और भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था रखने वालों के लिए मां गंगा, बाबा विश्वनाथ और काशी से बढ़कर कुछ नहीं हैं।
योजना नहीं ले सकी थी मूर्तरूप
भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल में श्री काशी विश्वनाथ धाम में मंत्रिमंडल की पहली कैबिनेट बैठक की योजना बनी थी, लेकिन वह मूर्त रूप नहीं ले सकी थी। ऐसे में माना जा रहा है कि नई सरकार के कार्यकाल में कैबिनेट की बैठक बाबा के धाम में हो सकती है।