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'धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी के नाम पर गठित हो वेद अनुसंधान केंद्र'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 27 Jul 2018 05:28 PM IST
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स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी के नाम पर दिल्ली में वेद अनुसंधान केंद्र खोला जाए। इसकी मांग केंद्र सरकार से की गई है। करपात्री जी की जयंती समारोह के दौरान इसके स्वरूप पर विचार किया जाएगा। बलिया में धर्मसम्राट की जयंती समारोह का शुभारंभ 11 अगस्त को किया जाएगा।
13 दिवसीय समारोह का समापन 23 अगस्त को काशी में होगा। 11 से 23 अगस्त तक पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में गोष्ठी और विविध आयोजन किए जाएंगे। वाराणसी के नदेसर स्थित एक होटल में हुई पत्रकारों से बातचीत में स्वामी ने बताया कि करपात्री महाराज की जयंती 13 अगस्त को मनाई जाती है। 13 दिवसीय आयोजन के दौरान देश के कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, साहित्यकार, राजनेता और अधिकारी हिस्सा लेंगे।
ब्रह्मचारी ने कहा कि सरकार से करपात्री जी के नाम पर डाक टिकट और वाराणसी से नई दिल्ली के लिए ट्रेन चलाने की मांग की गई है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के मसले पर कहा कि सुंदरीकरण से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए लेकिन पुराणोक्त मंदिरों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ भी नहीं होनी चाहिए।
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13 दिवसीय समारोह का समापन 23 अगस्त को काशी में होगा। 11 से 23 अगस्त तक पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में गोष्ठी और विविध आयोजन किए जाएंगे। वाराणसी के नदेसर स्थित एक होटल में हुई पत्रकारों से बातचीत में स्वामी ने बताया कि करपात्री महाराज की जयंती 13 अगस्त को मनाई जाती है। 13 दिवसीय आयोजन के दौरान देश के कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, साहित्यकार, राजनेता और अधिकारी हिस्सा लेंगे।
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ब्रह्मचारी ने कहा कि सरकार से करपात्री जी के नाम पर डाक टिकट और वाराणसी से नई दिल्ली के लिए ट्रेन चलाने की मांग की गई है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के मसले पर कहा कि सुंदरीकरण से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए लेकिन पुराणोक्त मंदिरों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ भी नहीं होनी चाहिए।
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मंदिरों और उसके महत्व को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएं तो किसी को भी आपत्ति नहीं होगी। स्वयंभू संन्यासियों के सवाल पर उनका कहना था कि साधु वेश बना लेने से कोई पूजित नहीं हो जाता है। भारतीय संस्कृति में साधु स्वभाव का आदर किया जाता है, साधु वेश का नहीं। उन्होंने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर प्रगति कर रहा है। विकसित हिंदू राष्ट्र का जो स्वप्न था वह जल्द ही पूरा होगा। पीएम के विदेशी दौरों ने भारत की छवि बदली है और भारतवंशियों का मान बढ़ा है।