{"_id":"6097ffab8ebc3efb8d1e38c2","slug":"demand-for-appointment-of-permanent-chancellor-in-bhu-soon-in-varanasi","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी: बीएचयू में जल्द स्थायी कुलपति की नियुक्ति की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी: बीएचयू में जल्द स्थायी कुलपति की नियुक्ति की मांग
Sun, 09 May 2021 08:58 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sun, 09 May 2021 08:58 PM IST
सार
विभाग सह संयोजक ने विजिटर को भेजा पत्र, जल्द तैनाती की मांग
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी बीएचयू में स्थायी कुलपति की नियुक्ति का मुद्दा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने उठाया है। विश्वविद्यालय के विजिटर और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजे पत्र में अभाविप बीएचयू विभाग के विभाग सह संयोजक अभय प्रताप सिंह ने बीएचयू में जल्द से जल्द स्थायी कुलपति की नियुक्ति की मांग की है।
अभय प्रताप सिंह ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में बताया है कि बीएचयू में 28 मार्च 2021 को कुलपति के कार्यकाल खत्म होने के बाद अब तक स्थायी कुलपति की नियुक्ति नहीं हो पाई है। लंबे समय तक कुलपति की नियुक्ति का ना होना विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास और संचालन में बाधक बन सकता है। वर्तमान में कोरोना काल में भी विश्वविद्यालय के चिकित्सकीय सुविधाओं की पूर्ति सहित अन्य कार्यो के लिए स्थायी कुलपति की नियुक्ति की अत्यंत आवश्यकता है। अभय ने पत्र की कापी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को भी भेजी है।
विज्ञापन
अभय प्रताप सिंह ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में बताया है कि बीएचयू में 28 मार्च 2021 को कुलपति के कार्यकाल खत्म होने के बाद अब तक स्थायी कुलपति की नियुक्ति नहीं हो पाई है। लंबे समय तक कुलपति की नियुक्ति का ना होना विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास और संचालन में बाधक बन सकता है। वर्तमान में कोरोना काल में भी विश्वविद्यालय के चिकित्सकीय सुविधाओं की पूर्ति सहित अन्य कार्यो के लिए स्थायी कुलपति की नियुक्ति की अत्यंत आवश्यकता है। अभय ने पत्र की कापी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को भी भेजी है।
विज्ञापन