सांसद बांसुरी स्वराज बोलीं: संविधान का गला घोंट कांग्रेस ने लगाया आपातकाल, 21 महीने तक लोगों ने सहीं यातनाएं
Varanasi News: दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा भारत में कांग्रेस ने संविधान का गला घोटा और आज राहुल गांधी उसी संविधान की दुहाई देते हैं।
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दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि जब देश में भूख, बेरोजगारी और असंतोष अपने चरम पर था, तब सिर्फ सत्ता की लालसा में 25 जून 1975 की रात इंदिरा गांधी ने रेडियो पर आपातकाल लागू करने की घोषणा कर दी। यह निर्णय लोकतंत्र को कुचलने वाला, संविधान को अनदेखा करने वाला और नागरिक अधिकारों का गला घोंटने वाला था। लोगों को 21 महीने तक यातनाएं सहनी पड़ीं। सरकार ने निर्ममता और कठोरता की सारी हदें पार कर दी थीं। ये बातें उन्होंने कमिश्नरी सभागार में रविवार को आयोजित मॉक पार्लियामेंट में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
उन्होंने कहा कि भारत में कांग्रेस ने संविधान का गला घोटा और आज राहुल गांधी उसी संविधान की दुहाई देते हैं। कांग्रेस ने जब और जैसे चाहा संविधान में बदलाव किया और वे सभी लोग जो देशहित में बात करते थे, उन्हें जेल में डलवा दिया गया। इंदिरा गांधी ने देश को व्यक्ति-पूजा और परिवारवाद की प्रयोगशाला बना दिया था। भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय है आपातकाल।
विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा व विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण देकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है जो महिला सशक्तीकरण की ओर एक ठोस कदम है।
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विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद केशरी देवी पटेल ने कहा कि कांग्रेस के राज में एक समय था जब अगर कोई सरकार के खिलाफ आवाज उठाता तो न कोई अपील न कोई दलील और न ही कोई कानून, उसे जेल में बंद कर दिया जाता था। अखबारों पर बैन लगा दिया गया। मीडिया हाउस में ताले लगा दिए गए। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष गीता शाक्य ने कहा कि इंदिरा गांधी जब चुनाव में गई थीं तब उन्होंने बोला था कि देश से गरीबी हटाएंगे। लेकिन गरीबी तो हटी नहीं, गरीबों को हटा दिया गया।