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कोरोना को हराया पर कमजोरी, बेचैनी और थकान से जंग जारी

Thu, 20 May 2021 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 20 May 2021 12:28 AM IST
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Defeated Corona but war continues with weakness, restlessness and fatigue
वाराणसी। कोरोना को मात देने के बाद भी लोगों को तमाम बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। पोस्ट कोविड में अधिकांश लोगों को कमजोरी, सांस फूलने, थकान, भूख न लगना, नींद पूरी न होने और अन्य मानसिक परेशानियां की शिकायत है। विशेषकर पहले से बीपी, शुगर, हृदय रोग के मरीजों को ये समस्या ज्यादा हो रही है।
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डॉक्टरों के मुताबिक, संक्रमण के दौरान जितनी सतर्कता बरतनी चाहिए उससे कहीं ज्यादा पोस्ट कोविड में ध्यान रखने की जरूरत है। अस्पताल में भर्ती होने के दौरान मरीज को बहुत सी दवाइयां लेनी पड़ती है। दिनचर्या भी असंतुलित हो जाती है। इस वजह से तमाम बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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छह माह तक डाक्टर के संपर्क में रहें
बीएचयू कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रो. ओमशंकर का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीज को पोस्ट कोविड में भी खून पतला करने की दवा डॉक्टर की सलाह पर कम से कम एक से डेढ़ महीने तक लेनी चाहिए। ऐसे लोगों को संक्रमण को मात देने के बाद भी छह महीने तक डाक्टर के संपर्क में रहना चाहिए। कोरोना को लेकर किसी तरह की कोई बात नहीं सोचनी चाहिए, नहीं तो उसका असर कहीं ना कहीं हृदय पर पड़ता है। बीपी, शुगर के मरीजों को सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
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सकारात्मक सोच जरूरी
बीएचयू के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर संजय गुप्ता का कहना है कि कोरोना संक्रमण और उससे ठीक होने के बाद भी किसी तरह तनाव नहीं लेना चाहिए। सकारात्मक सोच रखने की जरूरत है। पोस्ट कोविड में मरीजों को ऑनलाइन परामर्श के दौरान भी सजग और सतर्क रहने का सुझाव दिया जा रहा है।
केस 1
बीएचयू ब्लड बैंक में तैनात आशुतोष सिंह 15 अप्रैल को संक्रमित हुए। इसके बाद होम आइसोलेशन में 15 दिन रहकर कोरोना को मात दिया, लेकिन उसके बाद से कमजोरी है। अभी भी कमजोरी और घबराहट होती है। वजन भी घट गया है। हालांकि, ठीक होने के बाद से रोजाना ब्लड बैंक में सेवा दे रहे हैं।

केस दो
छितूपुर निवासी दीपिका पांडेय 18 अप्रैल को संक्रमित हुई। परिवार में पति और दो बच्चे भी संक्रमित हुए। दीपिका ने बताया कि 3 मई को कोरोना से जंग जीत ली। अभी भी कमजोरी, वजन कम होने, कभी-कभी सांस फूलने की समस्या होती है। डॉक्टर की सलाह पर दवा ले रही हैं।
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