वाराणसी: गिरते भूजलस्तर बढ़ाई लोगों की प्यास, गर्मी में जलापूर्ति की मांग बढ़ी, जल स्रोतों का बुरा हाल
=वाराणसी शहर के कई मोहल्लों में मांग के अनुरूप जलापूर्ति नहीं होने से पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया है। पानी का दबाव कम होने के कारण घंटों मशीन चलाने के बाद किसी प्रकार टंकी भर पाती है।
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गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल की समस्या बढ़ने लगी है। वाराणसी शहर के कई मोहल्लों में मांग के अनुरूप जलापूर्ति नहीं होने से पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया है। पानी का दबाव कम होने के कारण घंटों मशीन चलाने के बाद किसी प्रकार टंकी भर पाती है। इसके कारण लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।
विभाग का कहना है कि पॉकेट (छोटी मोटी) समस्या के कारण 40 फीसदी जल बर्बाद हो रहा है। इसे कम करने का प्रयास किया जा रहा है। आदमपुर जोन के कोयला बाजार चौराहा से बहेलिया टोला रोड और आसपास की गलियों में पानी की गंभीर समस्या है। जलकल विभाग में शिकायत के बाद भी समस्या में कोई सुधार नहीं हो सका है।
समस्या समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया
नगर निगम में शामिल ककरमत्ता गांव के लोग पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से ट्यूबवेल के मोटर में खराबी होने से समस्या बढ़ गई है। जलकल के अभियंता को लिखित शिकायत की गई बावजूद इसके समस्या समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। जलकल के अधिशासी अभियंता ने कहा कि मोटर की खराबी ठीक कराने के लिए जरूरी किट मंगाया गया है आते ही इसे ठीक करा दिया जाएगा।
जलकल एमडी रघुवेंद्र कुमार ने कहा कि मांग के अनुरूप जलापूर्ति की जा रही है। इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में जल आपूर्ति की समस्या की शिकायतें मिल रहीं हैं। समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
केस एक
अस्सी स्थित रानी लक्ष्मीबाई जन्मस्थली के आसपास के क्षेत्र में जलापूर्ति की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। क्षेत्रीय निवासी किरण पांडेय ने बताया कि पानी का प्रेशर बहुत कम है। एक बाल्टी पानी भरने में 20 मिनट का समय लग जाता है। कई-कई दिन पानी नहीं आता है। पीने के लिए पानी खरीदना पड़ता है।
केस दो
अंबा कॉलोनी, बजरडीहा-ककरमत्ता मार्ग के दोनों ओर की बस्ती में रहने वाले लोगों को गर्मी के दिनों में पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। राजकुमार प्रजापति ने बताया कि क्षेत्र में जल की समस्या है इसलिए पानी के लिए क्षेत्र के लोग कुएं पर निर्भर हैं। कभी-कभी तो पीने के लिए पानी खरीदना पड़ता है।
जल की मांग और आपूर्ति
- ठंड में 170 एमएलडी
- गर्मी में 276 एमएलडी
- क्षमता 323 एमडलडी