आईएमएस बीएचयू में मरने वालों का रखा जाएगा हिसाब-किताब, जानें कैसे होता है ये काम
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आईएमएस बीएचयू में पहली बार डेथ ऑडिट कराने की व्यवस्था को इसी माह से लागू किया गया है। कोरोना मरीजों की तर्ज पर ही अब यहां हर विभागों में होने वाली मौत की हर सप्ताह में शनिवार को दो विभागों की समीक्षा की जा रही है।
खास बात यह है कि इसमें सभी विभागों के चिकित्सकों को बुलाया जाता है। इसमें मरने वाले मरीज की बीमारी के कारण, अब तक चला इलाज, मौत की वजह आदि बिंदुओं पर चर्चा की जाती है। आईएमएस निदेशक प्रो. बीआर मित्तल की ओर से की गई इस पहल का उद्देश्य मौत के कारणों का पता लगाकर इस पर अध्ययन करना और आने वाले दिनों में मृत्यु दर कम करने की कवायद करना है। कोरोना काल में अभी यह समीक्षा ऑनलाइन हो रही है, आने वाले दिनों में इसे आफलाइन भी कराया जाने की तैयारी है।
विभागों में बढ़ेंगी सुविधाएं, मरीजों को होगा लाभ
आईएमएस बीएचयू के विभागों में कायाकल्प को लेकर विजन तैयार कराया जा रहा है। इसमें विभागों की कमियों को दूर कराकर वहां मरीजों के लिए नई सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। निदेशक प्रो. बीआर मित्तल सभी विभागों में जाकर वहां प्रेजेंटेशन देख रहे हैं। इसमें मौजूदा समय में मिलने वाली सुविधाओं के साथ ही वहां होने वाले शोध, ओपीडी, भर्ती आदि की व्यवस्थाओं के साथ ही भविष्य की जरूरतों की रिपोर्ट भी तैयार कराई जा रही है।
निदेशक के मुताबिक, इससे विभागों की जरूरतों की जानकारी मिलेगी और आने वाले दिनों में उसे पूरा कराने में मदद मिलेगी। विभागों में विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर समेत अन्य शिक्षकों से भी विभाग की सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में विचार मांगा जा रहा है। जिससे कि थोड़ी बहुत ऐसी कमियां हैं, जिसको दूर कराया लिया जाएगा। बताया कि प्राथमिकता को देखते हुए विभागों को सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
जल्द मिलेंगी ये सुविधाए
बीएचयू अस्पताल में एमसीएच विंग में ओपीडी, भर्ती की सुविधा।
क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में भी मरीजों के इलाज, जांच की सुविधा
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के सामने पार्किंग बनाई जाएगी।
अस्पताल में एंबुलेंस आदि जाने के लिए लगने वाले जाम को खत्म कराया जाएगा।