मौत की खबर सुन आखिरी बार देखने को तरस गई थी आंखें, रक्षामंत्री की पहल पर ढाई महीने बाद अफ्रीका से पहुंचा शव
चंदौली के बड़गांवा निवासी महातिम विश्वकर्मा (36) का शव रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर ढाई माह बाद दक्षिण अफ्रीका से गांव लाया गया। महातिम गैबन के अल्फा सेंचुरी माइनिंग में काम करता था। दो अप्रैल को पोल गिरने से उसकी मौत हो गई थी। लॉकडाउन की वजह से शव नहीं लाया जा सका था।
बड़गांवा निवासी रामसूरत विश्वकर्मा के तीन पुत्रों में दूसरे नंबर का पुत्र महातिम कुछ वर्षों से दक्षिण अफ्रीका के गैबन में स्थित अल्फा सेंचुरी माइनिंग कंपनी में काम करता था। दो अप्रैल को काम करते समय पोल गिरने से उसकी मौत हो गई थी। कंपनी के अधिकारियों ने फोन कर परिवार वालों को सूचना दी।
इस दौरान देश में लॉकडाउन के कारण अंतरराष्ट्रीय विमानों का आवागमन बंद था। इस कारण शव नहीं लाया जा सका। परिवार वालों ने काफी प्रयास किया लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद बडे़ भाई रामभरोस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से गुुहार लगाई। रक्षा मंत्री ने शव वापस लाने और उचित मुआवजा दिलाने के लिए विदेश मंत्री को पत्र लिखा।
इसके बाद सेना के विमान से शव को दिल्ली लाया गया और सोमवार को शव गांव पहुंचा। महातिम की शादी मार्च 2014 में सैदुपुर निवासी चंद्रिका की पुत्री अंजना विश्वकर्मा के साथ हुई थी। उसके दो बच्चे आयुष (6) और गरिमा (3) हैं।