यूपी: पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जिलाजीत यादव की शहादत को अखिलेश ने किया नमन
पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद जौनपुर के जिलाजीत यादव को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने ट्वीट कर सरकार पर शहीदों के बलिदान का सम्मान करते हुए राजनीति से परे हटकर कदम उठाने की जरूरत बताई।
पूर्व सीएम ने शहीद जिलाजीत यादव की तस्वीर के साथ लिखा है कि जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए जौनपुर के वीर जिलाजीत यादव को शत शत नमन एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि। देश की रक्षा-प्रतिरक्षा के विषयों पर सरकार जब राजनीति से ऊपर उठकर सच्चे कदम उठाएगी तभी वीरों के बलिदान का मान भी होगा और रक्षा भी।
जिलाजीत का शव आज उनके घर पहुंचेगा। सुबह से ही उनकी एक झलक पाने के लिए उनके घर पर हुजूम उमड़ पड़ा है। मुख्य सड़क से घर तक जाने वाले संपर्क मार्ग को दुरुस्त किया जा रहा है तो चारों तरफ जिलाजीत यादव अमर रहे के नारे भी गूंज रहे हैं। हालांकि जिले के जिम्मेदार अफसरों के गांव पहुंचने में देरी पर ग्रामीणों में असंतोष भी है।
दरअसल, खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली की पुलवामा जिले के कमराज़ीपोरा में एक बाग में आतंकी छिपे हैं, सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने मंगलवार की रात इलाके को घेर लिया और इलाके में तलाशी अभियान चलाया। खुद को घिरा देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी थी।
सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। हालांकि कार्रवाई के दौरान जवान जिलाजीत शहीद हो गया, वहीं एक आतंकी भी मारा गया। घटनास्थल से एक-47, ग्रेनेड के साथ ही अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुआ था, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
जिलाजीत यादव(25) जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के इजरी गांव के रहने वाले थे। जवान आरआर 53 बटालियन में सिपाही के पद पर तैनात थे। मंगलवार की रात 2 बजे पुलवामा में हुई मुठभेड़ में वह शहीद हो गए। उनके एक साथी को भी गोली लगी।
इस मुठभेड़ में एक आतंकी को भी मार गिराया था। बुधवार सुबह जवान के शहादत की खबर गांव वालों को मिली थी। जिलाजीत की तीन वर्ष पहले शादी हुई थी। उनका एक साल का बेटा भी है। वहीं, शहीद के पिता का दो वर्ष पहले निधन हो गया था। जिलाजीत अपने पिता के इकलौते बेटे थे।