फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Dead body near tree for two days for the grave corpse was not allowed to be buried in the grave in varanasi

इंसानियत शर्मसार: दो दिन तक कब्र की आस में पेड़ के नीचे पड़ी रही लाश, कब्रगाह में नहीं दफनाने दी लाश

Sat, 19 Sep 2020 12:40 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 19 Sep 2020 12:40 AM IST
विज्ञापन
Dead body near tree for two days for the grave corpse was not allowed to be buried in the grave in varanasi
demo pic - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र के काशीपुर गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक बंजारा परिवार की मृत महिला के शव को गांव वालों ने दफनाने से इंकार कर दिया। मामले में प्रशासनिक अमले ने भी खूब माथापच्ची की, लेकिन कुछ हल नहीं निकला।

विज्ञापन

इसके बाद शुक्रवार को तीसरे दिन महिला के शव को मोहनसराय के कब्रिस्तान में दफन करने की अनुमति दी गई और शाम को मृतका को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। 


रोहनिया थानाक्षेत्र के काशीपुर गांव में कई वर्षों से बंजारों का परिवार रहता है। ये सड़कों पर करतब दिखाकर अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं। मूलत: मिर्जापुर के रहने वाले इन बंजारों को गांव के बाहर ग्राम प्रधान ने अपनी जमीन पर आशियाना लगाने की अनुमति दी हुई है। दो दिन पहले इसी परिवार की एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई।

विज्ञापन

इसके बाद बंजारों ने गांव में स्थित कब्रगाह में महिला के शव को दफनाने की क्रिया शुरू की और कब्र भी बनवानी शुरू कर दी, लेकिन गांव वालों ने मना कर दिया और कब्र में वापस से मिट्टी भर दी।

इसके बाद मामला प्रशासनिक अमले तक पहुंचा। ग्राम प्रधान ने मामले का विरोध किया और तहसील के अधिकारियों और पुलिस को इस संबंध में सूचना दी। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार राजातालाब नीलम उपाध्याय के नेतृत्व में पहुंचे तहसील कर्मियों ने ग्राम समाज की जमीन की नापी भी करा दी, लेकिन इसके बाद भी लोग वहां दफनाने के लिए सहमत नहीं हुए और उन्हें वापस जाना पड़ा। इस तरह दो दिन बीत गए और शव बाग में ही पेड़ के नीचे चारपाई पर पड़ा रहा।

इस संबंध में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन बंजारों को ग्राम प्रधान ने बसाया है और पूर्व में हुई एक मौत पर ग्राम प्रधान ने कहा था कि अब कोई दफन नहीं होगा और उसके बाद उस वृद्ध को दफन करवाया गया था। गांव के लोग अब इस महिला को कब्रगाह में दफनाने के लिए सहमत नहीं हो रहे थे।

इसके बाद मृतक महिला के परिवार वाले मोहनसराय स्थित कब्रगाह पर बात करने गए। यहां बंजारों की समस्या सुनकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने यहां दफनाने की इजाजत दी और शुक्रवार की शाम को महिला को कब्र नसीब हुई।

विज्ञापन

ग्राम प्रधान जनार्दन सिंह ने बताया कि बंजारे की समस्या को राजातालाब तहसील व रोहनिया थाने, मातलदेई पुलिस चौकी  को इसके बारे में फोन द्वारा सूचना दी, लेकिन शासन प्रशासन की तरफ से किसी प्रकार की समस्या का समाधान नहीं हुआ। तब निराश होकर उस बुजुर्ग महिला का दामाद उजागीर बंजारा पता लगाते हुए मोहनसराय गांव स्थित कब्रिस्तान पर पहुंचा। जहां उनका शव दफनाया गया।

तहसीलदार राजातालाब नीलम उपाध्याय ने बताया कि ग्राम प्रधान खुद इस मामले में राजनीति कर रहे हैं, क्योंकि इस परिवार के पास मिर्जापुर का आधार कार्ड है तो वहां ले जाकर दफनाना चाहिए।

एसडीएम (राजातालाब) ए मणिकंदन ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध के चलते शव दफन करने में बाधा आई थी। काशीपुर में सहमति नहीं बनी तो मोहनसराय कब्रिस्तान में शव को दफन कराया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed